
नई दिल्ली, 27 मार्च। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और संभावित लॉकडाउन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि देश में न तो लॉकडाउन लगाया जाएगा और न ही ईंधन की कोई कमी होगी।
उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फ्यूल ड्यूटी कटौती पर पीएम मोदी का किया धन्यवाद
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती के केंद्र सरकार के फैसले की सराहना की और इसे आम जनता को राहत देने वाला बड़ा कदम बताया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा,
“मैं पूरे देश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं। ऐसे कठिन समय में, जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, तब इतना बड़ा फैसला लेना सामान्य बात नहीं है।”
आम लोगों को राहत देने का फैसला
रिजिजू ने कहा कि सरकार का मकसद साफ है कि देश के किसी भी नागरिक को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि भारत में गैस और तेल का उत्पादन सीमित है और देश काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में कीमतों को नियंत्रित रखना और लोगों को राहत देना सरकार का बड़ा निर्णय है।
पेट्रोल और डीजल पर नई ड्यूटी दर
उन्होंने जानकारी दी कि सरकार के फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल को पूरी तरह ड्यूटी-फ्री कर दिया गया है।
उनके मुताबिक इस फैसले के बाद देशभर में लोगों के बीच राहत और संतोष का माहौल है।
लॉकडाउन की अफवाहों पर दिया जवाब
लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी को रोका जाए और पेट्रोल, डीजल तथा गैस की सप्लाई सुचारु रखी जाए, ताकि किसी भी तरह की घबराहट की स्थिति न बने।
राज्य सरकारों की जिम्मेदारी भी अहम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने इतना बड़ा कदम उठाया है, तो राज्य सरकारों की भी जिम्मेदारी बनती है कि कहीं भी ईंधन की कमी न होने दें। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
कांग्रेस के नेतृत्व विवाद पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी के आंतरिक नेतृत्व विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में रिजिजू ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है कि वह किसे अपना नेता चुनती है।
हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष का नेता सकारात्मक सोच वाला हो और संसदीय लोकतंत्र तथा परंपराओं का सम्मान करे।
