केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के क्लासमेट को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है, जिससे साजिश की कड़ी जुड़ने की आशंका जताई जा रही है।

महाराष्ट्र के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के एक क्लासमेट को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उसे कथित हत्या की साजिश की पहले से जानकारी थी या नहीं।
क्लासमेट से पूछताछ में जुटी पुलिस
सूत्रों के अनुसार, बीड जिले का रहने वाला यह युवक वर्तमान में पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पुलिस को शक है कि उसे मामले के मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सह-आरोपी सिया गोयल के बीच चल रही कथित साजिश की जानकारी थी।
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह युवक सिर्फ जानकारी तक सीमित था या उसकी कोई सक्रिय भूमिका भी इस मामले में रही है।
कथित साजिश से जुड़े नए दावे
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि चेतन चौधरी और सिया गोयल ने कथित रूप से अपनी योजना इस क्लासमेट के साथ साझा की थी। यह भी सामने आया है कि 18 जून को लोहगढ़ किले की ट्रेकिंग के दौरान उसे भी साथ चलने के लिए कहा गया था, लेकिन वह उस ट्रिप में शामिल नहीं हुआ।
इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि हत्या के बाद चेतन चौधरी सबसे पहले इसी दोस्त से मिला था, और बाद में सिया गोयल भी उसके संपर्क में आई थी।
मई से लगातार संपर्क में था आरोपी
सूत्रों के अनुसार, यह युवक मई के अंतिम सप्ताह से चेतन चौधरी के लगातार संपर्क में था। इसी आधार पर पुलिस अब उसके डिजिटल रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा की भी जांच कर रही है ताकि साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
‘साजिश रोकने की सलाह’ का भी दावा
जांच के दौरान यह भी दावा सामने आया है कि इस क्लासमेट ने कथित तौर पर चेतन और सिया दोनों को इस योजना को आगे न बढ़ाने की सलाह दी थी। हालांकि, पुलिस इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि कर रही है।
पुलिस की जांच जारी, भूमिका पर सस्पेंस कायम
फिलहाल पुलिस का कहना है कि इस युवक की भूमिका स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि—
- क्या उसे साजिश की पूरी जानकारी थी
- क्या उसने योजना का विरोध किया था
- या फिर किसी स्तर पर उसकी भूमिका भी संदिग्ध है
पुलिस के अनुसार, वास्तविक स्थिति का खुलासा डिजिटल सबूतों और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा।
