राजस्थान का असली स्वाद अब घर पर!

राजस्थान का नाम सुनते ही दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी और लाल मांस जैसी पारंपरिक डिशेज याद आती हैं। लेकिन रेगिस्तान की धरती की एक और खास पहचान है केर सांगरी की सब्जी। खट्टे, मीठे और मसालेदार स्वाद से भरपूर यह डिश राजस्थान के मारवाड़ी खान-पान का अहम हिस्सा मानी जाती है। अगर आप घर पर कुछ अलग और पारंपरिक स्वाद ट्राई करना चाहते हैं, तो केर सांगरी की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
क्या है केर और सांगरी?
केर एक छोटी जंगली बेरी होती है, जबकि सांगरी खेजड़ी के पेड़ पर लगने वाली लंबी फलियां होती हैं। राजस्थान के शुष्क और रेगिस्तानी इलाकों में सदियों से इनका उपयोग भोजन के रूप में किया जाता रहा है।
मौसम खत्म होने के बाद इन्हें सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है। आजकल सूखी केर और सांगरी किराना स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी आसानी से मिल जाती है।
केर सांगरी बनाने के लिए सामग्री
इस सब्जी को बनाने के लिए करीब 1 कप सूखी सांगरी और आधा कप केर ले सकते हैं. इसके अलावा दही, तेल, जीरा, राई, सौंफ, अजवाइन, हींग, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और अमचूर पाउडर की जरूरत होगी. खट्टा-मीठा स्वाद बढ़ाने के लिए किशमिश और सूखे आम के टुकड़े भी डाले जा सकते हैं. नमक स्वाद के अनुसार रखें. अलग-अलग घरों में केर सांगरी बनाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है. कुछ लोग इसमें दही डालते हैं तो कुछ बिना दही के इसे तैयार करते हैं. इसी तरह प्याज और लहसुन का इस्तेमाल भी पसंद के अनुसार किया जाता है. पारंपरिक मारवाड़ी और जैन तरीके में इसे बिना प्याज-लहसुन के भी बनाया जाता है.
सबसे पहले करें केर और सांगरी की तैयारी
सूखी केर और सांगरी को सबसे पहले अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इन्हें 8 से 10 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें। भीगने के बाद इन्हें नरम होने तक उबालें और अतिरिक्त पानी निकाल दें। फिर एक बार साफ पानी से धो लें ताकि इनका प्राकृतिक कड़वापन कम हो जाए।
ऐसे तैयार करें मसाला
अब कड़ाही गर्म करके उसमें जरूरत के अनुसार तेल डालें. तेल गर्म होने पर राई और जीरा डालें. इसके बाद सौंफ, अजवाइन और थोड़ी सी हींग डालकर हल्का भूनें. मसालों की खुशबू आने लगे तो आंच धीमी कर दें. अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और जरूरत के अनुसार दूसरे सूखे मसाले डालें. अगर अदरक-लहसुन का स्वाद पसंद है तो इसका पेस्ट भी इस समय डाला जा सकता है. मसालों को धीमी आंच पर पकाएं ताकि वे जलें नहीं.
अब मिलाएं केर और सांगरी
मसाला तैयार होने के बाद इसमें उबली हुई केर और सांगरी डालकर अच्छी तरह मिला दें. अब स्वाद के अनुसार नमक डालें और धीमी से मध्यम आंच पर कुछ मिनट तक भूनें. इससे मसाले केर और सांगरी पर अच्छी तरह चढ़ जाएंगे. खट्टा स्वाद लाने के लिए इसमें अमचूर पाउडर डालें. वहीं हल्की मिठास के लिए किशमिश मिलाई जा सकती है. सूखे आम के टुकड़े उपलब्ध हैं तो उन्हें भी डाल सकते हैं. इससे सब्जी में खट्टे और मीठे स्वाद का अच्छा संतुलन आता है. अगर दही इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे अच्छी तरह फेंटकर धीमी आंच पर डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि दही फटे नहीं.
धीमी आंच पर पकाएं
सब्जी को कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं, ताकि मसाले पूरी तरह केर और सांगरी में समा जाएं। यह सब्जी आमतौर पर सूखी बनाई जाती है, इसलिए इसमें अतिरिक्त पानी डालने की जरूरत नहीं होती।
जब मसाले अच्छी तरह चिपक जाएं और हल्का तेल अलग दिखाई देने लगे, तो गैस बंद कर दें।
किसके साथ परोसें?
राजस्थानी केर सांगरी की सब्जी का स्वाद इन व्यंजनों के साथ सबसे अच्छा लगता है—
- बाजरे की रोटी
- गेहूं की रोटी
- तंदूरी रोटी
- पराठा
- पूरी
- दाल-चावल के साथ साइड डिश
स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स
- हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली सूखी केर और सांगरी का इस्तेमाल करें।
- भिगोने का समय पूरा रखें, इससे सब्जी मुलायम बनती है।
- मसालों को धीमी आंच पर ही भूनें।
- दही डालते समय लगातार चलाते रहें।
- चाहें तो ऊपर से थोड़ा देसी घी डालकर भी परोस सकते हैं।
केर सांगरी खाने के फायदे
केर और सांगरी में फाइबर, विटामिन और कई प्राकृतिक पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ के स्वास्थ्य लाभ व्यक्ति की संपूर्ण डाइट और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
