
तेहरान, 1 मार्च। अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बारे में सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह जानकारी दी कि वह अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए।
40 दिनों के शोक का ऐलान
खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरानी सरकार ने पूरे देश में 40 दिनों के शोक की घोषणा की है।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हमलों में खामेनेई के चार रिश्तेदार—उनकी बेटी, पोता और दामाद सहित—भी मारे गए।
ऑस्ट्रेलिया ने शोक से किया इनकार
एंथनी अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया खामेनेई की मौत का शोक नहीं मनाएगा।
उन्होंने कहा कि खामेनेई सरकार के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर कार्यक्रम, हथियारबंद प्रॉक्सी को समर्थन और अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसक कार्रवाइयों के लिए जिम्मेदार थे। अल्बनीज ने यह भी आरोप लगाया कि वह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर हमलों की साजिश से जुड़े थे।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए।
ट्रंप ने इसे ईरान के लोगों के लिए “अपने देश पर नियंत्रण वापस पाने का सबसे बड़ा मौका” बताया। उन्होंने कहा कि खामेनेई “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” थे और उनकी मौत न्याय का प्रतीक है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा और आवश्यक होने तक सटीक बमबारी जारी रहेगी।
हथियार डालने की अपील दोहराई
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, सशस्त्र बलों और पुलिस से इम्यूनिटी के बदले हथियार डालने की अपनी पूर्व अपील को दोहराया।
अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर इस घटनाक्रम के राजनीतिक और सामरिक प्रभावों पर नजर रखी जा रही है।
