
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार रात रूस के लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर फिर दुनिया का ध्यान इस युद्ध की ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि रूस अब हर चेतावनी और अपील को नजरअंदाज कर रहा है, और उसे रोकने का एकमात्र तरीका है – कड़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि रूस ने बुधवार रात यूक्रेन पर 300 से ज्यादा ड्रोन और 37 मिसाइलें दागीं, जिनमें कई बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। इन हमलों में विन्नित्सिया, सूमी और पोल्टावा क्षेत्रों के साथ चेर्निहीव के निझिन शहर को भी निशाना बनाया गया।
निझिन में एक डाकघर क्षतिग्रस्त हुआ और एक व्यक्ति घायल हो गया।
जेलेंस्की ने लिखा कि खार्किव क्षेत्र में भी रूस ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और राज्य आपातकालीन सेवा विभाग को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि कई लोग घायल हैं और हर जगह राहत कार्य जारी हैं।
“शहीद ड्रोन” और दोहरे हमले की रणनीति
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि रूस “शहीद ड्रोन” का इस्तेमाल कर रहा है, जो क्लस्टर हथियार लेकर आते हैं। पहले ये ड्रोन नागरिक क्षेत्रों पर हमला करते हैं और फिर जब फायर ब्रिगेड या ऊर्जा विभाग के कर्मचारी मरम्मत के लिए पहुंचते हैं, तो उन पर दोबारा हमला किया जाता है।
जेलेंस्की ने इसे रूस की “दोहरी आतंक फैलाने की रणनीति” बताया।
“पुतिन अब किसी की नहीं सुन रहे”
जेलेंस्की ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब किसी की नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस मौसम में रूसी सेना हर दिन हमारे ऊर्जा ढांचे पर हमला कर रही है। अब सिर्फ दबाव की नीति ही उन्हें रोक सकती है। यह दबाव प्रतिबंधों और लंबी दूरी की सैन्य क्षमताओं से डाला जा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “कड़े और निर्णायक फैसले” अब अमेरिका, यूरोप और अन्य साझेदार देशों पर निर्भर करते हैं।
वॉशिंगटन में होगी अहम बैठक
जेलेंस्की शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली और नए हथियारों की आपूर्ति को लेकर अहम चर्चा होगी।
जेलेंस्की ने कहा कि “अब यूरोप में भी शांति की कोशिशें तेज होनी चाहिए। इसी दिशा में मैं वॉशिंगटन में बैठक कर रहा हूं।”
बिजली कटौती से अंधेरे में डूबा यूक्रेन
राष्ट्रीय ग्रिड संचालक उक्रेनेर्गो ने बताया कि रूस के हमलों के बाद यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में ऊर्जा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते लगभग सभी क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती करनी पड़ी।
संस्थान ने बताया कि केवल डोनेट्स्क क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में बिजली काटनी पड़ी है।
सर्दियों से पहले रूस के हमले तेज
रूस सर्दियों से पहले यूक्रेन के ऊर्जा और रेलवे नेटवर्क पर हमले बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों को डर है कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो लाखों लोग कड़ाके की ठंड में बिना बिजली के रह सकते हैं।
इन हमलों ने यूक्रेन की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। वहीं, दुनिया अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि अमेरिका और यूरोप आगे क्या कदम उठाते हैं।
