इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू से क्यों घबराया पाकिस्तान?

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान क्रिकेट और पाकिस्तान की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम का इंटरव्यू ब्रिटेन के स्काई स्पोर्ट्स पर प्रसारित किया गया. इस इंटरव्यू को पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर और कमेंटेटर माइकल एथर्टन ने लिया था. इसे टेस्ट मैच के पहले दिन लंच ब्रेक के दौरान प्रसारित किया गया.
हालांकि, इंटरव्यू के प्रसारण से पहले ही इसका टीजर सामने आ गया था. रिपोर्टों के मुताबिक, टीजर देखकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आपत्ति जताई और इंटरव्यू प्रसारित होने पर टीम के लंच के बाद मैदान पर वापस नहीं आने की चेतावनी दी. बाद में इंटरव्यू को प्रसारित किया गया. करीब 18 मिनट के इस बातचीत में इमरान खान के बेटों ने अपने पिता की जेल में स्थिति, उनके स्वास्थ्य और पाकिस्तान जाने में सामने आ रही कथित परेशानियों को लेकर गंभीर बातें कहीं.
इंटरव्यू को लेकर क्यों मचा विवाद?
माइकल एथर्टन उन पूर्व क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्होंने इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई है. इमरान की जेल में स्थिति से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट जगत की कई हस्तियों ने उनके इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता जाहिर की थी. रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व कप्तानों ने भी इमरान खान के बेहतर इलाज और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की थी.
ऐसे में जब एथर्टन ने इमरान खान के दोनों बेटों का इंटरव्यू लिया, तो यह संभावना पहले से थी कि बातचीत उनके पिता की स्थिति पर केंद्रित होगी. यही मुद्दा पाकिस्तान में विवाद की वजह बना.
पाकिस्तान में इंटरव्यू का प्रसारण नहीं हुआ
स्काई स्पोर्ट्स ने इंटरव्यू को प्रसारित किया, लेकिन पाकिस्तान में इसका प्रसारण करने वाले पीटीवी ने इसे अपने चैनल पर नहीं दिखाया. इसके बावजूद इंटरव्यू की क्लिप और पूरी बातचीत सोशल मीडिया तथा दूसरे माध्यमों से लोगों तक पहुंच गई. इसके बाद यह सवाल और ज्यादा चर्चा में आया कि आखिर पाकिस्तान में इस बातचीत को लेकर इतनी आपत्ति क्यों थी. इंटरव्यू में सुलेमान और कासिम ने अपने पिता की स्थिति को लेकर कई गंभीर दावे किए.
2022 के बाद पिता से नहीं मिल पाए बेटे
इमरान खान के बेटों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 के बाद से अपने पिता से मुलाकात नहीं की है. सुलेमान और कासिम के मुताबिक, वे पाकिस्तान जाने के लिए वीजा हासिल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके आवेदन कथित तौर पर अलग-अलग कारणों से स्वीकार नहीं किए गए. दोनों ने यह भी आशंका जताई कि पाकिस्तान जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. हालांकि उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वे अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान जाना चाहते हैं. उनकी सबसे बड़ी चिंता इमरान खान की जेल में स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर बताई गई.
बेटों ने लगाए गंभीर आरोप
इंटरव्यू के दौरान इमरान खान के बेटों ने अपने पिता के साथ जेल में कथित व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और उन्हें लंबे समय तक जेल में रखकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है. यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये इमरान खान के बेटों द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा इस रिपोर्ट में नहीं किया जा रहा है. इमरान खान की पार्टी और उनके समर्थक पहले भी उनकी जेल में स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते रहे हैं.
इमरान खान की आंख की रोशनी को लेकर भी दावा
इंटरव्यू में इमरान खान की आंख की रोशनी को लेकर भी गंभीर दावा किया गया. उनके बेटों ने कहा कि उनके पिता की एक आंख की रोशनी काफी प्रभावित हुई है. सुलेमान और कासिम का आरोप था कि इमरान को निजी डॉक्टरों से उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है.
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर स्वास्थ्य संबंधी स्थिति गंभीर है तो उन्हें पर्याप्त चिकित्सा जांच और इलाज की सुविधा क्यों नहीं दी जा रही.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया जिक्र
इमरान खान के बेटों ने बातचीत के दौरान पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट से जुड़े एक आदेश का भी उल्लेख किया. उनका कहना था कि अदालत की ओर से इमरान खान की स्वास्थ्य जांच और अस्पताल में इलाज को लेकर निर्देश दिए गए थे. लेकिन उनके मुताबिक, कुछ समय अस्पताल में रखने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया.
सुलेमान ने इंटरव्यू में दावा किया कि उनके पिता की जांच पर्याप्त तरीके से नहीं की गई और निजी डॉक्टरों से इलाज की अनुमति नहीं दी जा रही. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
बेटे बोले- पाकिस्तान जाने से डर लगता है
इमरान खान के बेटों ने अपने पिता से मुलाकात न कर पाने की मजबूरी भी बताई. उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तान जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अपनी सुरक्षा और संभावित गिरफ्तारी को लेकर डर है. इसके बावजूद दोनों ने कहा कि अब वह अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की कोशिश करना चाहते हैं. यह बयान इंटरव्यू के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक रहा, क्योंकि इससे इमरान खान और उनके परिवार के बीच लंबे समय से चल रही दूरी के बारे में भी चर्चा हुई.
इंटरव्यू के बाद जावेद मियांदाद भी बोले
इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने भी इमरान खान के समर्थन में बयान दिया. मियांदाद ने इमरान के पाकिस्तान क्रिकेट के लिए योगदान को याद किया और उनके साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाए. इस घटनाक्रम ने मामले को क्रिकेट से आगे बढ़ाकर पाकिस्तान की राजनीति और इमरान खान की मौजूदा स्थिति से जोड़ दिया.
इमरान खान पाकिस्तान के सबसे चर्चित क्रिकेटरों में से एक रहे हैं. उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की कप्तानी की और वर्ष 1992 में टीम को वनडे वर्ल्ड कप जिताया. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने.
बाद के वर्षों में उनके खिलाफ कई कानूनी मामले सामने आए और वह जेल में रहे हैं. उनके समर्थक इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं, जबकि पाकिस्तान की संस्थाओं और अदालतों से जुड़े मामलों में अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं चली हैं. इमरान खान की मौजूदा स्थिति पाकिस्तान की राजनीति में लंबे समय से बड़ा मुद्दा बनी हुई है.
क्रिकेट मैच के बीच राजनीतिक विवाद क्यों?
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज क्रिकेट का मुकाबला है, लेकिन इमरान खान खुद पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में शामिल रहे हैं. उन्होंने न सिर्फ पाकिस्तान की कप्तानी की, बल्कि 1992 में देश को वर्ल्ड कप भी जिताया. ऐसे में उनके परिवार से जुड़ी बातचीत का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रसारण के दौरान सामने आना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया.
