छोले भिगोने के बाद भी सख्त रह जाते हैं? 🫘 जानिए उन्हें जल्दी और अच्छी तरह गलाने का आसान तरीका।

छोले भारतीय खाने का बेहद पसंदीदा हिस्सा हैं। छोले-भटूरे से लेकर चना मसाला तक, कई व्यंजनों में इनका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन छोले बनाने से पहले उन्हें भिगोना और फिर पकाना जरूरी होता है। आमतौर पर 8 से 12 घंटे तक भिगोने के बाद छोले अच्छी तरह पक जाते हैं, लेकिन कई बार घंटों भिगोने और प्रेशर कुकर में कई सीटी लगाने के बाद भी छोले अंदर से सख्त रह जाते हैं।
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। छोले के सख्त रहने के पीछे उनकी उम्र, पानी की गुणवत्ता और पकाने का तरीका जैसी कई वजहें हो सकती हैं। कुछ आसान उपायों को अपनाकर छोले जल्दी और अच्छी तरह नरम किए जा सकते हैं।
छोले आखिर क्यों नहीं गलते?
छोले की बाहरी परत काफी सख्त होती है। भिगोने के दौरान पानी धीरे-धीरे इस परत के अंदर पहुंचता है और छोले को नरम होने में मदद करता है। इसके बाद पकाने के दौरान गर्मी और पानी की मदद से उनका स्टार्च और अन्य संरचनात्मक घटक नरम होते हैं। अगर सूखे छोले काफी लंबे समय से स्टोर किए हुए हैं, तो उनके पकने में अधिक समय लग सकता है। पुराने छोले में नमी कम हो सकती है और उनकी संरचना में ऐसे बदलाव आ सकते हैं, जिनकी वजह से वे पानी को आसानी से सोख नहीं पाते। अगर छोले लंबे समय तक पकाने के बावजूद बाहर से नरम लेकिन अंदर से सख्त रह जाते हैं, तो उनकी उम्र भी एक वजह हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि बहुत लंबे समय से स्टोर किए हुए छोले इस्तेमाल न करें और उन्हें सूखी, साफ जगह पर सही तरीके से स्टोर करें।
कई बार समस्या छोले में नहीं बल्कि उस पानी में होती है, जिसमें उन्हें भिगोया और पकाया जा रहा है। जिस पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है, उसे हार्ड वॉटर कहा जाता है। ऐसे पानी में दालें और फलियां नरम होने में ज्यादा समय ले सकती हैं। अगर आपके घर के पानी में हार्डनेस अधिक है और छोले अक्सर सख्त रह जाते हैं, तो भिगोने और पकाने के लिए फिल्टर्ड या उपयुक्त साफ पानी का इस्तेमाल करके देखा जा सकता है।
खट्टी चीजें शुरुआत में न डालें
छोले बनाते समय एक आम गलती यह भी होती है कि लोग उन्हें पूरी तरह गलने से पहले ही टमाटर, नींबू, इमली या दूसरी अम्लीय सामग्री डाल देते हैं। अम्लीय सामग्री फलियों के नरम होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है। इसलिए बेहतर है कि पहले छोले को पानी में अच्छी तरह नरम होने दें। जब छोले आपकी पसंद के अनुसार गल जाएं, तब ग्रेवी में टमाटर, नींबू या अन्य खट्टी सामग्री मिलाएं।
नहीं गल रहे छोले तो बेकिंग सोडा आजमाएं
अगर छोले रातभर भिगोने के बाद भी सख्त हैं, तो थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा इस्तेमाल किया जा सकता है। बेकिंग सोडा पानी को अधिक क्षारीय बनाता है, जिससे छोले की बाहरी संरचना जल्दी नरम होने में मदद मिल सकती है। भिगोते समय पानी में थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा मिलाया जा सकता है। अगर छोले पहले से पक रहे हैं और फिर भी सख्त हैं, तो पकाने के पानी में भी बहुत थोड़ी मात्रा मिलाई जा सकती है।
हालांकि इसकी मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अधिक बेकिंग सोडा से छोले जरूरत से ज्यादा नरम होकर टूट सकते हैं और उनके स्वाद में भी बदलाव आ सकता है।
रातभर भिगोना क्यों है जरूरी?
छोलों को करीब 8 से 12 घंटे तक भिगोने से पानी धीरे-धीरे उनकी बाहरी परत के अंदर पहुंचता है। इससे पकाने के दौरान छोले जल्दी और समान रूप से नरम होने में मदद मिलती है। भिगोने के बाद छोले का आकार भी बढ़ जाता है। खाना बनाने से पहले भिगोने वाला पानी निकालकर उन्हें साफ पानी से धोना अच्छा रहता है।
रातभर भिगोना भूल गए तो अपनाएं ये तरीका
अगर आप रात में छोले भिगोना भूल गए हैं, तो एक क्विक-सोकिंग तरीका अपनाया जा सकता है। इसके लिए सूखे छोले पानी में डालकर करीब 2 मिनट तक उबालें। इसके बाद गैस बंद कर दें और बर्तन को ढककर करीब एक घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी निकालकर छोले को अच्छी तरह धो लें और फिर सामान्य तरीके से पकाएं।
यह तरीका लंबे समय तक भिगोने का एक विकल्प हो सकता है, हालांकि छोले की उम्र और गुणवत्ता के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। भिगोए हुए छोले प्रेशर कुकर में पकाने से उन्हें नरम करने में मदद मिलती है। कुकर के अंदर बनने वाला दबाव और गर्मी छोले को अच्छी तरह पकाने में मदद करते हैं। कुकर में छोले डालते समय पर्याप्त पानी रखें और अपनी जरूरत के अनुसार पकाएं। अलग-अलग प्रकार और उम्र के छोले पकने में अलग समय ले सकते हैं, इसलिए पहली बार पकाते समय उनकी बनावट जांचना बेहतर है।
छोले जल्दी गलाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- छोले खरीदते समय बहुत पुराने स्टॉक से बचें।
- सामान्य तौर पर 8 से 12 घंटे तक भिगोकर रखें।
- हार्ड वॉटर की समस्या हो तो फिल्टर्ड पानी इस्तेमाल करके देखें।
- छोले पूरी तरह गलने से पहले नींबू, इमली या दूसरी खट्टी चीजें न डालें।
- जरूरत पड़ने पर बहुत थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा इस्तेमाल करें।
- बेकिंग सोडा ज्यादा डालने से स्वाद और टेक्सचर खराब हो सकता है।
- भिगोने के बाद छोले को साफ पानी से धोकर पकाएं।
- प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करने पर पर्याप्त पानी रखें और पकने के बाद छोले की नरमी जांच लें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य कुकिंग जानकारी के लिए है। बेकिंग सोडा का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें, क्योंकि अधिक मात्रा स्वाद और टेक्सचर को प्रभावित कर सकती है।
