मेरठ में जयपुर से हरिद्वार जा रही बस में अचानक भीषण आग लग गई। बाइक सवार की सतर्कता और ड्राइवर की सूझबूझ से यात्रियों की जान बच गई। कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर राख हो गई।

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर दौराला थाना क्षेत्र के दादरी फ्लाईओवर के पास जयपुर से हरिद्वार जा रही एक डबल डेकर एसी बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार 26 यात्रियों ने समय रहते खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और जलकर राख हो गई।
बाइक सवार की सतर्कता से बची यात्रियों की जान
पुलिस के अनुसार, बस के पीछे चल रहे एक बाइक सवार ने सबसे पहले बस से धुआं निकलते देखा। उसने तुरंत बस को ओवरटेक कर चालक को इसकी जानकारी दी। चालक ने बिना देर किए बस को सड़क किनारे रोक दिया और यात्रियों को तुरंत नीचे उतरने के लिए कहा।
यात्रियों ने घबराहट के बीच खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद बस में तेज आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी डबल डेकर बस आग की चपेट में आ गई। लगभग 20 से 25 मिनट के भीतर बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग से उठता धुएं का घना गुबार करीब दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था।
स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि वे सफल नहीं हो सके।
कैसे हुआ हादसा…
जयपुर के सूर्य नगर कॉलोनी के रहने वाले बस ड्राइवर राजेंद्र कुमार ने बताया- मैं रात 10 बजे राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर AC बस (RJ14PF 2607) लेकर हरिद्वार के लिए निकला था। मेरे साथ सीकर के रहने वाले परिचालक रामकुमार हुड्डा भी थे। सुबह करीब 7 बजकर 10 मिनट पर बस मेरठ-मुजफ्फरनगर के बार्डर के पास पहुंची थी।
तभी शॉर्ट सर्किट से पीछे की ओर धुआं उठा। इसी समय एक बाइक सवार ने भी बताया कि पीछे धुआं उठ रहा है। ड्राइवर ने कहा- मैंने फ्लाईओवर से उतरते ही बस को साइड में लगा दिया। अपने साथी परिचालक से सवारियों को बाहर लाने के लिए बोला। तुरंत सवारियां दरवाजे और खिड़कियों से कूदने लगे। जैसे ही सभी यात्री उतर गए। मैंने पीछे डिग्गी में रखे यात्रियों के सामान को निकाला।
देखते-देखते बस में आग पूरी तरह से फैल गई। हम लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। लेकिन 20 से 25 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची लेकिन तब तक बस पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी थी।
दूसरी बस से भेजे गए यात्री
हादसे के बाद सभी यात्रियों के लिए दूसरी बस की व्यवस्था की। इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित हरिद्वार के लिए रवाना कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की बसों के नियमित तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
