राजपाल यादव पर SC की सख्त टिप्पणी! ⚖️ कोर्ट ने कहा- पिछला आचरण भरोसा जगाने वाला नहीं, फिर भी मिला 2 हफ्ते का आखिरी मौका।

अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर 2026 को सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने उनके पिछले व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका आचरण भरोसा जगाने वाला नहीं रहा है। इसके बावजूद अदालत ने उन्हें एक और मौका देते हुए दो हफ्ते के भीतर रकम से जुड़ी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ऑनलाइन माध्यम से कोर्ट से जुड़े थे। उनके वकील की ओर से अदालत को बताया गया कि कुछ संपत्तियों की बिक्री के जरिए पैसों का इंतजाम किया जा रहा है। वकील ने आश्वासन दिया कि दो हफ्ते के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा और बाकी रकम के भुगतान का शेड्यूल भी बताया जाएगा।
कोर्ट ने पिछले व्यवहार पर जताया भरोसे की कमी……
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने राजपाल यादव के पिछले आचरण को लेकर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने सवाल उठाया कि उनके पुराने व्यवहार को देखते हुए उन पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई ने अभिनेता के पेशे का जिक्र करते हुए यह भी टिप्पणी की कि वह बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं और कोर्ट में भी उसी तरह का व्यवहार कर रहे हैं। अदालत ने उनके वकील की ओर से दिए गए आश्वासन को देखते हुए उन्हें दो हफ्ते का आखिरी मौका दिया।
पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश…..
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया है। अदालत की ओर से यह कदम मामले की आगे की कार्यवाही के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। उस समय अदालत के सामने भुगतान से जुड़ी प्रगति और वकील की ओर से दिए गए आश्वासन पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पहले भी मिली थी सरेंडर से सशर्त छूट…..
इससे पहले 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी। याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें कई चेक बाउंस मामलों में उनकी सजा को बरकरार रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर सरेंडर करने से राहत दी थी। अदालत के निर्देश के मुताबिक, यह रकम 9 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करनी थी। अब 15 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने एक बार फिर उन्हें सीमित समय देते हुए भुगतान की व्यवस्था करने का अंतिम अवसर दिया है।
आगे क्या होगा…..?
राजपाल यादव के मामले में अब अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। तब तक उन्हें अदालत के सामने भुगतान की व्यवस्था से संबंधित जानकारी और तय रकम के भुगतान की दिशा में प्रगति दिखानी होगी। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगी।
