iPhone को आंखों से करें कंट्रोल! 👀📱 जानिए Eye Tracking फीचर कैसे काम करता है और इसे कैसे ऑन करें।

अगर आपके पास iPhone है, तो उसमें मौजूद कई ऐसे फीचर्स हैं जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को और आसान बना सकते हैं। Apple का Eye Tracking फीचर भी ऐसा ही एक विकल्प है। इसकी मदद से यूजर अपनी आंखों की दिशा के जरिए स्क्रीन पर पॉइंटर को कंट्रोल कर सकता है। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें टचस्क्रीन इस्तेमाल करने में परेशानी होती है। हालांकि, इसे अन्य iPhone यूजर्स भी आजमा सकते हैं।
क्या है Eye Tracking फीचर…..?
Eye Tracking Apple का एक Accessibility फीचर है। इसमें iPhone के फ्रंट कैमरे और ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग की मदद से यह समझने की कोशिश की जाती है कि यूजर स्क्रीन पर किस हिस्से को देख रहा है। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला पॉइंटर आंखों की दिशा के अनुसार मूव करता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी अलग Eye Tracking डिवाइस या एक्सटर्नल हार्डवेयर की जरूरत नहीं होती।
आंखों से कैसे कंट्रोल होगी स्क्रीन…..?
Eye Tracking शुरू करने के बाद iPhone को सामान्य तरीके से अपने सामने रखना होता है। जैसे ही आप स्क्रीन पर किसी आइकन या बटन की तरफ देखते हैं, पॉइंटर आपकी नजर के अनुसार उस हिस्से तक पहुंच सकता है। किसी विकल्प को चुनने के लिए Dwell Control का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पॉइंटर को किसी आइटम पर थोड़ी देर रोकना होता है, जिसके बाद वह विकल्प सिलेक्ट किया जा सकता है। इस तरह कुछ स्क्रीन कंट्रोल बिना उंगली से टच किए किए जा सकते हैं।
iPhone में Eye Tracking कैसे ऑन करें…..?
इस फीचर को एक्टिवेट करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:-
- सबसे पहले iPhone की Settings खोलें।
- इसके बाद Accessibility सेक्शन में जाएं।
- यहां Eye Tracking का विकल्प खोजें।
- Eye Tracking को ऑन करें।
- फोन की स्क्रीन पर दिए गए डॉट को अपनी आंखों से फॉलो करके सेटअप पूरा करें।
- कैलिब्रेशन पूरा होने के बाद स्क्रीन पर पॉइंटर दिखाई देगा।
इसके बाद आप अपनी नजर की दिशा के आधार पर पॉइंटर को स्क्रीन पर मूव कर सकते हैं।
हर iPhone में नहीं मिलेगा फीचर…..
Eye Tracking हर पुराने iPhone मॉडल में उपलब्ध नहीं है। इसके लिए फोन में जरूरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सपोर्ट होना चाहिए। साथ ही डिवाइस को Eye Tracking सपोर्ट करने वाले iOS वर्जन पर अपडेट रखना जरूरी है। फीचर का इस्तेमाल करते समय फोन को स्थिर रखना और कैमरे के सामने उचित दूरी पर रहना भी मददगार हो सकता है।
इन परिस्थितियों में कम हो सकती है सटीकता…..
Eye Tracking की परफॉर्मेंस पर आसपास की परिस्थितियों का असर पड़ सकता है। कम रोशनी, कैमरे का ढका होना या चेहरे का ज्यादा हिस्सा कवर होने जैसी स्थिति में आंखों की ट्रैकिंग प्रभावित हो सकती है। इसलिए बेहतर परिणाम के लिए कैमरे को साफ रखें और फोन को ऐसी स्थिति में रखें जहां फ्रंट कैमरा चेहरे को ठीक से देख सके।
Accessibility के लिए क्यों है खास…..?
Eye Tracking का सबसे महत्वपूर्ण फायदा Accessibility से जुड़ा है। जिन लोगों को स्क्रीन को बार-बार टच करने में परेशानी होती है, उनके लिए यह iPhone इस्तेमाल करने का एक वैकल्पिक तरीका उपलब्ध कराता है। वहीं, सामान्य यूजर्स भी इस फीचर को आजमा सकते हैं। रोजमर्रा के इस्तेमाल में ज्यादातर लोगों के लिए पारंपरिक टच कंट्रोल ज्यादा तेज और सुविधाजनक रह सकता है।
नोट: Eye Tracking की उपलब्धता मॉडल और सॉफ्टवेयर सपोर्ट पर निर्भर करती है। अपने iPhone में फीचर उपलब्ध है या नहीं, यह Settings > Accessibility में जाकर चेक किया जा सकता है।
