🎬 बड़े स्टार्स की फिल्मों के सेट पर जूनियर एक्टर्स के साथ कैसा होता है व्यवहार? क्रांति प्रकाश झा ने किया बड़ा खुलासा। उन्होंने बताया कि कई बार जूनियर कलाकारों को छोटा महसूस कराया जाता है, लेकिन ‘धोनी’ के सेट पर उन्हें खूब सम्मान मिला। 👀

फिल्म इंडस्ट्री में बड़े सितारों और छोटे कलाकारों के बीच व्यवहार को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। अब अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने भी इस मुद्दे पर अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि बड़े बजट की फिल्मों के सेट पर कई बार जूनियर एक्टर्स को ऐसा महसूस कराया जाता है कि वे बाकी कलाकारों से कम महत्वपूर्ण हैं। क्रांति प्रकाश झा इन दिनों अपनी वेब सीरीज ‘रक्तांचल 3’ को लेकर चर्चा में हैं। इसी के प्रमोशन के दौरान वह शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में पहुंचे, जहां उन्होंने फिल्म सेट पर जूनियर कलाकारों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर खुलकर बात की।
‘हां, मैंने भी ऐसा महसूस किया है’……
पॉडकास्ट में जब क्रांति से पूछा गया कि क्या बड़ी फिल्मों के सेट पर जूनियर एक्टर्स को छोटा महसूस कराया जाता है, तो उन्होंने इस बात को स्वीकार किया। उनका कहना था कि उन्होंने खुद कई बड़े प्रोजेक्ट्स में ऐसा अनुभव किया है। अभिनेता ने यह भी स्पष्ट किया कि हर बड़े प्रोजेक्ट का अनुभव एक जैसा नहीं होता। उन्होंने अपनी फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ के सेट का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां उन्हें बिल्कुल अलग माहौल मिला था।
‘धोनी’ के सेट पर नहीं लगा कि मैं छोटा हूं…..

क्रांति प्रकाश झा ने फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में क्रिकेटर संतोष लाल का किरदार निभाया था। संतोष लाल को महेंद्र सिंह धोनी का करीबी दोस्त और उन्हें हेलीकॉप्टर शॉट सिखाने वाले क्रिकेटर के तौर पर दिखाया गया था। अभिनेता के मुताबिक, फिल्म काफी बड़े स्तर की थी, लेकिन सेट पर उन्हें कभी यह महसूस नहीं कराया गया कि वह जूनियर कलाकार हैं। उन्होंने बताया कि वहां माहौल काफी दोस्ताना था और सभी लोग मिलकर काम करने के साथ मस्ती भी करते थे। यानी उनके लिए बड़े प्रोजेक्ट की पहचान सिर्फ बजट या स्टारकास्ट से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाले सम्मान और व्यवहार से भी जुड़ी है।
बिहार से होने पर भी नहीं हुआ असहज महसूस…..
क्रांति ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह भी बताया कि बिहार से होने के कारण उन्होंने किसी सेट पर खुद को असहज महसूस नहीं किया। उन्होंने कहा कि आज भी कभी-कभी लोग उनसे ऐसे सवाल कर देते हैं, जिनसे क्षेत्र को लेकर बनी धारणाएं सामने आती हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब कोई उनसे पूछता है कि क्या वह गांव जा रहे हैं, तो वह जवाब देते हैं कि वह पटना जा रहे हैं, गांव नहीं।
शाहिद कपूर भी उठा चुके हैं मुद्दा…..
जूनियर कलाकारों के साथ व्यवहार का मुद्दा इससे पहले अभिनेता शाहिद कपूर भी उठा चुके हैं। उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया था कि कई बार किसी कलाकार को सीधे शब्दों में छोटा नहीं कहा जाता, लेकिन व्यवहार के जरिए उसे ऐसा महसूस कराया जा सकता है। क्रांति प्रकाश झा का अनुभव भी इसी बहस को आगे बढ़ाता है कि फिल्म का बजट या कलाकार की लोकप्रियता चाहे कितनी भी बड़ी हो, सेट पर हर कलाकार के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना जरूरी है।
‘रक्तांचल’ से मिली खास पहचान…..

क्रांति प्रकाश झा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘बाटला हाउस’, ‘सम्राट पृथ्वीराज’ और ‘स्वामी रामदेव-एक संघर्ष’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान वेब सीरीज ‘रक्तांचल’ में विजय सिंह के किरदार से मिली। अब वह इसके तीसरे सीजन में नजर आ रहे हैं, जो क्राइम, राजनीति और पूर्वांचल की सत्ता की लड़ाई की कहानी को आगे बढ़ाता है।
