जयपुर से लापता चार मासूम बच्चे उत्तर प्रदेश में सुरक्षित मिले। बच्चों ने गुल्लक तोड़कर पैसे निकाले और अयोध्या जाने के लिए घर से निकल गए थे।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के मुहाना इलाके से लापता हुए एक ही परिवार के चार मासूम बच्चे उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सुरक्षित मिल गए हैं। बच्चों के अचानक गायब होने से परिवार और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। कई घंटों की तलाश और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को उनकी लोकेशन मिली और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि चारों बच्चे घर से निकलने से पहले गुल्लक तोड़कर उसमें रखे करीब 500 से 700 रुपये अपने साथ ले गए थे। इसके बाद वे ट्रेन में सवार होकर जयपुर से सुल्तानपुर पहुंच गए।
ट्यूशन से लौटने के बाद घर से निकले
मुहाना थाना प्रभारी गुर भूपेंद्र के अनुसार लापता बच्चों में 13 वर्षीय लड़की, उसकी 9 वर्षीय बहन, चचेरे भाई की 11 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटा शामिल हैं। चारों बच्चे बुधवार दोपहर ट्यूशन से लौटने के बाद करीब 2 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गए थे।
शाम तक बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की मदद से उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
पुलिस ने शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान बच्चों की गतिविधियों के महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर उनकी यात्रा का पता लगाया गया। पुलिस को जानकारी मिली कि बच्चे ट्रेन से उत्तर प्रदेश पहुंच चुके हैं।
अयोध्या जाने की थी योजना
पुलिस के अनुसार बच्चे रोडवेज बस के जरिए अयोध्या जाने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर बस चालक से संपर्क किया गया। बस को रुकवाकर बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया गया।
स्थानीय प्रशासन की मदद से बच्चों को वहीं रहने वाले उनके रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद जयपुर पुलिस की एक टीम बच्चों के पिता के साथ उत्तर प्रदेश रवाना हुई, जो गुरुवार सुबह बच्चों को लेकर वापस लौटने की प्रक्रिया में जुटी रही।
सुरक्षित मिलने से परिवार ने ली राहत की सांस
चारों बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर से परिजनों ने राहत की सांस ली। परिवार के सदस्य पिछले कई घंटों से चिंता और तनाव में थे। पुलिस अधिकारियों ने भी बच्चों को सकुशल बरामद करने में सहयोग देने वाले सभी विभागों और स्थानीय लोगों का आभार जताया।
पुलिस ने अभिभावकों को दी सलाह
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें बिना बताए कहीं जाने के खतरों के बारे में समझाएं। साथ ही बच्चों को परिवार से संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित करें ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
