चीनी-प्याज ही नहीं, दाल, तेल, चावल और टमाटर जैसी रोजमर्रा की चीजों ने भी बढ़ाया किचन का बजट! 🛒 जानिए किन सामानों के दाम बढ़े और त्योहारों पर इसका कितना असर पड़ सकता है।

रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है. चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों की चर्चा सबसे ज्यादा है, लेकिन चावल, तेल, दाल, गेहूं और टमाटर जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है…..
त्योहारों के सीजन में जहां बाजार में रौनक बढ़ी हुई है, वहीं महंगाई आम लोगों की चिंता भी बढ़ा रही है. चीनी और प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी इन दिनों चर्चा में है, लेकिन रसोई के बजट पर दबाव सिर्फ इन दो चीजों की वजह से नहीं है. रोजाना इस्तेमाल होने वाले कई खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. रक्षाबंधन जैसे त्योहार के दौरान इसका असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है. घरों में मिठाइयां बनती हैं और मेहमानों के लिए अलग-अलग पकवान तैयार किए जाते हैं. ऐसे में चीनी, तेल, दाल, चावल और सब्जियों की कीमत बढ़ने से कुल खर्च बढ़ जाता है.
प्याज की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी….
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बताई गई खाद्य वस्तुओं में प्याज की कीमत में सबसे ज्यादा 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसकी कीमत करीब 60 से 70 रुपये प्रति किलो के बीच बताई जा रही है. प्याज भारतीय रसोई का बेहद जरूरी हिस्सा है. सब्जी से लेकर कई तरह के व्यंजनों में इसका इस्तेमाल होता है. इसलिए कीमत में मामूली बढ़ोतरी का असर भी घर के मासिक बजट पर दिखाई देता है.
चावल भी हुआ महंगा….
चावल की कीमत में करीब 2.1 फीसदी की वृद्धि बताई गई है. इसकी कीमत लगभग 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. देश के कई हिस्सों में चावल रोजाना के भोजन का अहम हिस्सा है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने से सीधे घरेलू खर्च पर असर पड़ता है.
सरसों तेल और दूसरे खाद्य तेलों की कीमत….
खाद्य तेल भी महंगाई के असर से अछूते नहीं हैं. सरसों तेल की कीमत में करीब 1.6 फीसदी की वृद्धि बताई गई है और इसका रेट लगभग 215 से 225 रुपये प्रति लीटर के आसपास है. वहीं मूंगफली तेल की कीमत में करीब 1 फीसदी और सूरजमुखी तेल की कीमत में लगभग 0.9 फीसदी की बढ़ोतरी बताई गई है. पाम तेल में भी करीब 0.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है.
दालों के दाम ने भी बढ़ाई चिंता….
दालें भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. चना दाल की कीमत में करीब 1 फीसदी की बढ़ोतरी बताई गई है और यह लगभग 70 से 80 रुपये प्रति किलो के बीच है. अरहर दाल की कीमत करीब 140 से 160 रुपये प्रति किलो और मूंग दाल की कीमत लगभग 100 से 120 रुपये प्रति किलो बताई गई है. दालों के दाम बढ़ने से खासकर उन परिवारों का बजट प्रभावित होता है, जिनके खाने में दाल का नियमित इस्तेमाल होता है.
गेहूं और टमाटर की कीमत भी बढ़ी….
गेहूं की कीमत में करीब 0.6 फीसदी की बढ़ोतरी बताई गई है. इसकी कीमत लगभग 26 से 33 रुपये प्रति किलो के बीच बताई गई है. वहीं टमाटर की कीमत में भी करीब 0.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और यह लगभग 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक है.
त्योहारों पर मिठाई भी महंगी….
रक्षाबंधन के मौके पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. राखी बांधने के बाद भाई का मुंह मीठा कराने की परंपरा के कारण मिठाई की खरीदारी त्योहार का अहम हिस्सा होती है. चीनी और अन्य खाद्य सामग्री महंगी होने का असर मिठाइयों की लागत पर भी पड़ सकता है. ऐसे में त्योहार के दौरान मिठाई खरीदने वालों को पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.
सिर्फ चीनी-प्याज नहीं, पूरे किचन पर असर….
महंगाई का असर किसी एक खाद्य वस्तु तक सीमित नहीं है. जब चावल, तेल, दाल, गेहूं, टमाटर और प्याज जैसी कई जरूरी चीजों की कीमतें एक साथ बढ़ती हैं, तो छोटी-छोटी बढ़ोतरी मिलकर घरेलू बजट पर बड़ा असर डाल सकती हैं. ऐसे में त्योहारों के मौसम में परिवारों को राशन और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी के लिए पहले से ज्यादा बजट रखना पड़ सकता है…..
