1000 रुपये के बादाम जरूरी नहीं! 🥜 कम बजट में मूंगफली भी है प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर विकल्प। जानिए इसे डाइट में कैसे शामिल करें।

बादाम सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमत हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठती। ऐसे में मूंगफली एक सस्ता और पोषक विकल्प हो सकती है। इसमें प्रोटीन समेत कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते है……
अच्छी सेहत के लिए अक्सर रोजाना बादाम और दूसरे ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन बाजार में बादाम की कीमत कई बार काफी ज्यादा होती है। ऐसे में अगर आप कम बजट में पौष्टिक स्नैक तलाश रहे हैं, तो मूंगफली आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। उपलब्ध पोषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम मूंगफली में करीब 25-26 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि इतनी ही मात्रा में बादाम में करीब 21 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
“बादाम से सस्ती है मूंगफली”
मूंगफली की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत है। बादाम की कीमत क्वालिटी के आधार पर करीब 800 से 1500 रुपये प्रति किलो तक हो सकती है, जबकि मूंगफली लगभग 100-150 रुपये प्रति किलो में मिल जाती है। यानी सीमित बजट में भी मूंगफली को डाइट में शामिल करना आसान है। बाजार में कीमतें जगह, क्वालिटी और सीजन के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
“प्रोटीन के मामले में मूंगफली आगे”
अगर आपका फोकस प्रोटीन पर है तो मूंगफली एक उपयोगी विकल्प हो सकती है। 100 ग्राम मूंगफली में लगभग 25-26 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि बादाम में करीब 21 ग्राम। यही वजह है कि मूंगफली को बजट-फ्रेंडली प्रोटीन स्नैक भी माना जाता है। खासकर जो लोग एक्सरसाइज या वर्कआउट करते हैं, वे अपनी डाइट में मूंगफली जैसे प्रोटीन और हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं।
“मूंगफली में मिलते हैं ये पोषक तत्व”
मूंगफली में प्रोटीन के अलावा हेल्दी फैट्स, विटामिन-ई, विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स, फोलेट और नाइसीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं बादाम विटामिन-ई और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। दोनों में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट भी पाए जाते हैं। इसलिए सिर्फ प्रोटीन के आधार पर बादाम को मूंगफली से बेहतर या खराब कहना सही नहीं होगा। दोनों की पोषण प्रोफाइल अलग-अलग है और संतुलित डाइट में दोनों की अपनी जगह हो सकती है।
“फाइबर और कैलोरी में भी अंतर”
बादाम में मूंगफली की तुलना में फाइबर कुछ ज्यादा पाया जाता है। वहीं दोनों में कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है और 100 ग्राम में यह लगभग 560-580 कैलोरी के आसपास हो सकती है। इसलिए मूंगफली हो या बादाम, मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
मूंगफली खाने का सही तरीका क्या है…..?
मूंगफली को कच्चा, भिगोकर या भूनकर खाया जा सकता है। कच्ची मूंगफली को रातभर भिगोकर सुबह खाया जा सकता है, जबकि भुनी हुई मूंगफली को सीधे स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। हर व्यक्ति की पाचन क्षमता और डाइट की जरूरत अलग होती है। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार इसकी मात्रा तय करना बेहतर है।
“बादाम की जगह मूंगफली खा सकते हैं, लेकिन दोनों एक जैसे नहीं”
मूंगफली निश्चित रूप से कम कीमत में प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व उपलब्ध कराने वाला अच्छा विकल्प है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह बादाम का हर मामले में बिल्कुल समान विकल्प है। बादाम और मूंगफली की पोषण संरचना अलग है। अगर आपका उद्देश्य बजट में प्रोटीन और हेल्दी फैट लेना है, तो मूंगफली एक अच्छा विकल्प हो सकती है। वहीं संतुलित डाइट में अलग-अलग नट्स और बीजों को शामिल करना ज्यादा बेहतर तरीका है।
