21 खिलाड़ी और सिर्फ एक मेडल! कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पाकिस्तान का बेहद खराब प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान का अभियान बेहद निराशाजनक रहा। ग्लासगो में आयोजित इस बहु-खेल प्रतियोगिता में पाकिस्तान केवल एक कांस्य पदक जीत सका। वहीं बांग्लादेश का खाता भी नहीं खुला और उसके खिलाड़ी बिना किसी पदक के स्वदेश लौटे।
पाकिस्तान का यह प्रदर्शन खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है और देश की खेल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
पाकिस्तान के 21 खिलाड़ी, लेकिन सिर्फ एक पदक
ग्लासगो में पाकिस्तान ने 21 खिलाड़ियों का दल उतारा था। इसके बावजूद पूरी प्रतियोगिता में उसके खाते में केवल एक कांस्य पदक ही आया।
सबसे बड़ी बात यह रही कि पाकिस्तान—
- एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत सका।
- एक भी रजत पदक नहीं जीत पाया।
- केवल एक कांस्य पदक के साथ अभियान समाप्त किया।
यह परिणाम पाकिस्तान के हालिया कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास के सबसे कमजोर प्रदर्शनों में गिना जा रहा है।
अरशद नदीम भी नहीं दिला सके पदक
पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल स्टार भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम भी इस बार कोई पदक नहीं जीत सके। उनके खाली हाथ लौटने के बाद पाकिस्तान में खेल व्यवस्था और खिलाड़ियों की तैयारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फातिमा जाहरा ने बचाई पाकिस्तान की लाज
पाकिस्तान के लिए एकमात्र पदक महिला मुक्केबाज फातिमा जाहरा ने दिलाया। उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर पाकिस्तान का खाता खोला। यदि यह पदक भी नहीं मिलता, तो पाकिस्तान भी बांग्लादेश की तरह बिना किसी पदक के प्रतियोगिता समाप्त करता।
पाकिस्तान के प्रदर्शन पर उठे सवाल
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इतने छोटे दल के बावजूद बेहतर तैयारी और प्रतिभा विकास पर ध्यान दिया जाता तो परिणाम अलग हो सकते थे। पाकिस्तान के प्रदर्शन के बाद वहां की खेल नीतियों, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल ढांचे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बांग्लादेश का नहीं खुला खाता
बांग्लादेश के लिए यह प्रतियोगिता और भी निराशाजनक रही। पूरे टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश का कोई भी खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं हुआ। इस तरह टीम बिना किसी पदक के ही प्रतियोगिता समाप्त कर स्वदेश लौट गई।
भारत ने किया दमदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए यादगार साबित हुए। भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके विपरीत पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।
