500-500 रुपये के नोटों से तौला गया बच्चा! वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बहस, जानें क्या है पूरा मामला।

सोशल मीडिया पर हर दिन कई ऐसे वीडियो वायरल होते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक छोटे बच्चे को तराजू के एक पलड़े में बैठाकर दूसरे पलड़े में 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी जा रही हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि परिवार ने संतान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर बच्चे को नोटों से तौलकर अपनी प्रतिज्ञा निभाई।
हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो से जुड़े दावों को सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में?
वायरल क्लिप में एक छोटा बच्चा तराजू के एक पलड़े में बैठा दिखाई देता है। आसपास कई लोग मौजूद हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया को देख रहे हैं। वीडियो में एक महिला दूसरे पलड़े में 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां एक-एक करके रखती नजर आती है, जबकि एक व्यक्ति बच्चे को संभालकर बैठाए रखता है।
इस दौरान बच्चा रोता हुआ भी दिखाई देता है। जैसे ही दोनों पलड़ों का वजन बराबर होता है, वहां मौजूद एक व्यक्ति तराजू को उठाकर संतुलन दिखाता है। इसके बाद वीडियो समाप्त हो जाता है।
वीडियो के साथ क्या दावा किया जा रहा है?
इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि परिवार ने किसी धार्मिक स्थान पर मन्नत मांगी थी कि अगर उनके घर बच्चा होगा, तो वे उसे नोटों से तौलेंगे. पोस्ट में यह भी कहा गया कि मन्नत पूरी होने के बाद परिवार ने अपनी मन्नत निभाई और बच्चे को 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों से तौला. पोस्ट के अनुसार, तौलने के बाद यह पैसा प्रसाद के रूप में लोगों में बांटा जाएगा.
वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा कि मन्नत पूरी करने के बाद शायद इस रकम का आधा हिस्सा उसी परिवार के पास रहेगा. वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किया कि आखिर यह पैसा किसे दिया जाएगा. कुछ लोगों ने लिखा कि यह लोगों की मन्नत पूरी करने की परंपरा है, जबकि कई यूजर्स ने इसे अंधविश्वास बताया. एक अन्य यूजर ने किया की कि लोग कैसी-कैसी मन्नतें मांगते हैं. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि गांवों में आज भी इस तरह की परंपराएं देखने को मिलती हैं.
