8वें वेतन आयोग की दिल्ली में मैराथन बैठकें शुरू! फिटमेंट फैक्टर, सैलरी, HRA, DA और पेंशन समेत इन 5 बड़े मुद्दों पर चर्चा।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। आयोग ने 7 अगस्त 2026 से नई दिल्ली में कर्मचारी संगठनों और पेंशन यूनियनों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू किया है। ये बैठकें 10 अगस्त तक चलने की जानकारी सामने आई है। इन बैठकों में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वेतन, पेंशन, भत्तों और दूसरी सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, किसी भी मांग को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
8वें वेतन आयोग की बैठकें क्यों हैं अहम….?
8वें वेतन आयोग का गठन केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन एवं पेंशन ढांचे की समीक्षा करने के लिए किया गया है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसके अलावा प्रोफेसर पुलक घोष और सदस्य-सचिव पंकज जैन आयोग का हिस्सा हैं। दिल्ली में चल रही बैठकों का मकसद अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स यूनियनों की मांगों को समझना और उनके सुझावों को आयोग की प्रक्रिया में शामिल करना है।
कब तक आ सकती है 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट….?
8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय है और इसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी गई है। इस आधार पर आयोग की अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य के आसपास आने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही केंद्र सरकार इसके आधार पर वेतन और पेंशन में बदलावों पर अंतिम निर्णय लेगी। इसलिए फिलहाल कर्मचारियों के बीच चल रही अलग-अलग मांगों को संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
कर्मचारियों की 5 बड़ी मांगें क्या हैं….?
1. 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग :-
कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग सामने आई है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़ाकर करीब 69,000 रुपये करने की मांग की गई है फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
2. पेंशन और फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी :-
पेंशनर्स संगठनों की ओर से भी कई मांगें रखी गई हैं। इनमें फुल पेंशन को अंतिम आहरित वेतन यानी Last Drawn Salary के 67% तक करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा फैमिली पेंशन को 50% तक करने की मांग भी उठाई गई है।
3. बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए अतिरिक्त पेंशन :-
65 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए बढ़ी हुई दर से अतिरिक्त पेंशन देने की मांग भी चर्चा में है। इसके साथ ही फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। अगर ऐसी मांगों को स्वीकार किया जाता है तो वरिष्ठ पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिल सकती है।
4. HRA में बदलाव की मांग :-
कर्मचारी संगठनों की ओर से हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA को भी नए सिरे से तय करने की मांग की गई है। प्रस्ताव के मुताबिक X, Y और Z कैटेगरी के शहरों के लिए HRA को क्रमशः 36%, 24% और 12% करने की मांग है। हालांकि, इस पर भी आयोग की समीक्षा और अंतिम सिफारिश का इंतजार रहेगा।
5. DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग :-
महंगाई भत्ता यानी DA को लेकर भी कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग पर हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से DA को मूल वेतन में मर्ज करने और इसके बाद भत्तों को नए सिरे से निर्धारित करने की मांग की जा रही है। DA की गणना और वेतन संरचना में इसके प्रभाव को लेकर आयोग सभी संबंधित पक्षों के सुझावों पर विचार कर सकता है।
आगे किन शहरों में हो सकती हैं बैठकें….?
दिल्ली में हितधारकों के साथ चर्चा के बाद आयोग देश के अन्य हिस्सों में भी कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से बातचीत कर सकता है। सामने आई जानकारी के अनुसार चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में भी बैठकें/दौरे प्रस्तावित हैं। इस तरह आयोग अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की समस्याओं और मांगों को समझने की कोशिश करेगा।
क्या अभी बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी….?
फिलहाल ऐसा कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 3.83 फिटमेंट फैक्टर, 69,000 रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी, HRA में बढ़ोतरी और DA मर्ज करने जैसी बातें कर्मचारी संगठनों की मांगें या प्रस्ताव हैं। आयोग विभिन्न पक्षों से बातचीत के बाद अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसके बाद सरकार द्वारा लिए गए फैसले के आधार पर ही कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में वास्तविक बदलाव तय होंगे।
