जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके ने छात्रों से अनशन न करने की अपील की।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े कथित पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रमुख अभिजीत दीपके ने आंदोलन में शामिल छात्रों से लंबी भूख हड़ताल से बचने की अपील की है।
उनका कहना है कि आंदोलन लंबा चल सकता है, इसलिए प्रदर्शनकारियों का स्वस्थ और सक्रिय रहना बेहद जरूरी है।
जंतर-मंतर पर जारी है विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन में शामिल लोग शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। उनके समर्थन में कुछ छात्र भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
छात्रों से क्या बोले अभिजीत दीपके?
एक मीडिया बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि वे लंबी भूख हड़ताल पर न बैठें।
उनके अनुसार, यदि सभी लोग अनशन करेंगे तो आंदोलन की बाकी व्यवस्थाएं और संगठनात्मक जिम्मेदारियां कौन संभालेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी लंबे आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रतिभागियों का स्वस्थ रहना आवश्यक है।
“सोनम वांगचुक को अनुभव है”
अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को पहले भी लंबे समय तक अनशन करने का अनुभव रहा है और वे अपनी शारीरिक स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। हालांकि उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और आंदोलन में अन्य जिम्मेदारियां निभाएं।
उनका कहना था कि युवा प्रदर्शनकारियों की भूमिका केवल अनशन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें संगठन, जनजागरण और शांतिपूर्ण अभियान को आगे बढ़ाने में भी योगदान देना चाहिए।
सोनम वांगचुक की अपील
प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक ने भी समर्थकों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग अनशन पर नहीं हैं, वे प्रतीकात्मक रूप से एक दिन का उपवास रखकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जता सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत से अधिक भोजन करना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है और संयमित जीवनशैली अपनाना भी महत्वपूर्ण है।
आंदोलन का उद्देश्य
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगें उठा रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधार जरूरी हैं।
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और इस मुद्दे पर विभिन्न संगठनों तथा छात्र समूहों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
