वाराणसी में फर्जी दरोगा बनकर लोगों पर रौब झाड़ने वाला युवक गिरफ्तार। पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को अधिकारी बताता था और सुलह कराने के नाम पर लोगों से पैसे भी वसूलता था।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिस का दरोगा बताकर लोगों के बीच रौब झाड़ता था। आरोपी फर्जी पुलिस वर्दी पहनकर न केवल लोगों को प्रभावित करता था, बल्कि विभिन्न मामलों में सुलह कराने के नाम पर पैसे भी वसूलता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
चोलापुर क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, आरोपी की पहचान राजन प्रजापति के रूप में हुई है। उसे चोलापुर थाना क्षेत्र के मुर्दहा इलाके से गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि वह मूल रूप से शिवपुर क्षेत्र का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक, राजन प्रजापति लंबे समय से फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहा था। वह पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को दरोगा बताता था और दावा करता था कि उसकी पहुंच वाराणसी से लेकर लखनऊ तक है। इसी झूठे प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करता था।
सुलह कराने के नाम पर वसूलता था पैसे
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी केवल वर्दी पहनकर घूमता ही नहीं था, बल्कि लोगों के विवाद सुलझाने और पुलिसिया प्रभाव का हवाला देकर आर्थिक लाभ भी उठाता था। वह कई मामलों में समझौता कराने का दावा करता और इसके बदले पैसे मांगता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम वसूली। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी पुलिस की वर्दी और पहचान से जुड़ी चीजों का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करता था। उसका आत्मविश्वास इतना अधिक था कि अधिकांश लोगों को उस पर संदेह नहीं होता था।
पुलिस को अन्य साथियों की तलाश
वाराणसी पुलिस का कहना है कि इस मामले में केवल एक व्यक्ति की भूमिका मानकर जांच नहीं की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं उसके साथ कोई गिरोह या अन्य सहयोगी तो सक्रिय नहीं थे।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को केवल वर्दी देखकर पुलिस अधिकारी न मानें। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पैसे मांगता है या संदिग्ध गतिविधियां करता है, तो उसकी पहचान की पुष्टि करें और तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि असली पुलिस अधिकारी कभी भी निजी लाभ के लिए अपनी पहचान का दुरुपयोग नहीं करते। ऐसे मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
