गुजरात के जामनगर में ऑनलाइन फूड ऑर्डर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक ग्राहक ने आरोप लगाया कि Zomato से मंगाए गए वेज पास्ता में कथित तौर पर नॉनवेज के टुकड़े मिले। शिकायत के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

गुजरात के जामनगर से ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। एक ग्राहक ने आरोप लगाया है कि उसने Zomato के जरिए वेज पास्ता ऑर्डर किया था, लेकिन खाने के दौरान उसमें कथित तौर पर नॉनवेज के टुकड़े मिले। ग्राहक ने इसे अपनी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए जामनगर महानगरपालिका के फूड विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जामनगर निवासी एक ग्राहक ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato के माध्यम से एक रेस्तरां से वेज पास्ता ऑर्डर किया था। ग्राहक का आरोप है कि खाना खाते समय उसे पास्ता में कथित तौर पर नॉनवेज के टुकड़े दिखाई दिए।
ग्राहक ने दावा किया कि उसने केवल शाकाहारी भोजन का ऑर्डर दिया था और इस तरह की लापरवाही उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है।
फूड विभाग में दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद ग्राहक ने जामनगर महानगरपालिका के फूड सेफ्टी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
जांच में जुटा प्रशासन
शिकायत मिलने के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि ग्राहक के आरोप सही हैं या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेस्तरां और फूड डिलीवरी की भूमिका भी होगी जांच का हिस्सा
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कथित गड़बड़ी रेस्तरां में हुई या डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान कोई चूक हुई। फिलहाल किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
ग्राहक ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्राहक का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक या व्यक्तिगत कारणों से केवल शाकाहारी भोजन का सेवन करता है, तो इस प्रकार की कथित लापरवाही गंभीर मामला है। उन्होंने दोषी पाए जाने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्राहक के आरोप सही हैं या नहीं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें।
