राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले पर कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और उद्घाटन में प्रधानमंत्री शामिल हुए थे, उस मामले पर अब उनकी प्रतिक्रिया क्यों नहीं आ रही।
पीएम मोदी से पूछा सवाल
शनिवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियांक खरगे ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की, उद्घाटन किया। अब इस मामले पर उनकी आवाज कहां है? इस मुद्दे पर ‘मन की बात’ कब करेंगे?”
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
सीएम योगी पर भी साधा निशाना
प्रियांक खरगे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि राम भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि “भावनाओं के साथ खिलवाड़ आखिर किसने किया?”
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विपक्ष लगातार उठा रहा मुद्दा
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा मामले में संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सियासत तेज
धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ रही है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी रहेगी।
