मथुरा नाव हादसा: पंजाब प्रशासन की टीम वृंदावन पहुंची, घायलों से मिली; 11 की मौत, कई अब भी लापता

मथुरा, 11 अप्रैल:
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शनिवार को पंजाब प्रशासन की एक टीम वृंदावन पहुंची, जहां उन्होंने हादसा स्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना।
पंजाब से पहुंचे तहसीलदार रमेश सिंह ने बताया कि उनकी टीम अपने क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए वृंदावन आई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती घायलों की देखभाल करना उनकी प्राथमिकता है और यदि किसी को किसी प्रकार की जरूरत होगी तो प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ बातचीत की गई है, लेकिन फिलहाल ध्यान घायलों के इलाज और उनकी स्थिति में सुधार पर केंद्रित है।
दरअसल, यह हादसा शुक्रवार दोपहर वृंदावन के केसी घाट पर हुआ था, जब श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। कुछ ही क्षणों में खुशी का माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया। इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतकों में पंजाब के लुधियाना का एक ही परिवार शामिल है, जिसने इस हादसे में अपने सात सदस्यों को खो दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है।
वहीं राहत की बात यह है कि 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें से कुछ घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।
लापता लोगों की खोज के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं और पूरी ताकत के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके अलावा स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है, ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और नाव संचालन के नियमों पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
