
नई दिल्ली, 2 मार्च। इजरायल ईरान युद्ध एयरलाइन स्टॉक्स पर भारी पड़ा है। लगातार तीसरे दिन खाड़ी के कई देशों का एयरस्पेस बंद रहने के कारण सोमवार को एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
एशिया-प्रशांत एयरलाइंस के शेयरों में गिरावट
एशिया प्रशांत क्षेत्र में कारोबार करने वाली ज्यादातर एयरलाइंस के शेयर दबाव में रहे।
InterGlobe Aviation (इंडिगो) के शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं Singapore Airlines के शेयर 6 प्रतिशत से अधिक टूट गए।
जापान की All Nippon Airways और Japan Airlines के शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गए। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की Qantas का शेयर भी 4 प्रतिशत से अधिक फिसल गया।
दुबई-दोहा समेत प्रमुख ट्रांजिट हब बंद
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट केंद्र करीब तीन दिनों से बंद हैं। इसके चलते एयरलाइंस को तेल अवीव, दुबई, बेरूत, तेहरान और रियाद जैसे गंतव्यों के लिए उड़ानें रद्द, स्थगित या मार्ग परिवर्तन करना पड़ा है।
भारतीय एयरलाइंस भी इससे प्रभावित हुई हैं। गैर-पश्चिम एशियाई एयरलाइंस में इंडिगो ने सबसे अधिक उड़ानें रद्द की हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर सैकड़ों उड़ानें रद्द
रिपोर्टों के अनुसार, नई दिल्ली हवाई अड्डे पर 28 फरवरी को 410 उड़ानें रद्द हुईं, 1 मार्च को लगभग 350 उड़ानें रद्द की गईं और 2 मार्च को कम से कम 300 उड़ानों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
डीजीसीए और एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
Directorate General of Civil Aviation (डीजीसीए) ने कहा है कि वह एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है और फंसे यात्रियों की सहायता के लिए एक नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया गया है।
Air India ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजरायल और कतर से आने-जाने वाली सभी उड़ानों का निलंबन 2 मार्च रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया है।
ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयर इंडिया ओमान, दक्षिणी सऊदी अरब और मिस्र के मार्ग का उपयोग कर रही है। इससे यूरोप जाने वाली उड़ानों में 30-40 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है और परिचालन लागत बढ़ रही है।
कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी उड़ानें रोकीं
जिन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने उड़ानें निलंबित या मार्ग परिवर्तन की घोषणा की है, उनमें एयर फ्रांस, केएलएम, ब्रिटिश एयरवेज, कैथे पैसिफिक, सिंगापुर एयरलाइंस, तुर्की एयरलाइंस, लुफ्थांसा, आईटीए एयरवेज, मलेशिया एयरलाइंस, जापान एयरलाइंस, एजियन, लॉट पोलिश और नॉर्वेजियन एयर शामिल हैं।
इजरायल-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक एविएशन सेक्टर पर दबाव बढ़ता दिख रहा है और इसका सीधा असर एयरलाइन स्टॉक्स पर पड़ रहा है।
