जीरो पावर्टी की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश, योगी सरकार का मॉडल ले रहा आकार

लखनऊ, 2 जनवरी।
गरीबी मुक्त यूपी का लक्ष्य अब जमीन पर उतरता दिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहा जीरो पावर्टी मिशन राज्य में समावेशी विकास का मॉडल बन रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
दरअसल, इस अभियान के तहत पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू इसकी मिसाल हैं। इन्हें आवास, पेयजल, सड़क, बिजली और राशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
इसके अलावा, प्रदेश भर में वंचित परिवारों का सर्वे कर उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है। लाभार्थियों का कहना है कि यह अभियान केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि गरीबी मुक्त यूपी की ठोस पहल है।
पहले चरण में 8 योजनाओं को डीबीटी से जोड़ा गया। रिपोर्ट के अनुसार, राशन योजना में 97 प्रतिशत पात्र परिवारों तक लाभ पहुंच चुका है। वहीं निराश्रित महिला पेंशन में 87 प्रतिशत और दिव्यांग पेंशन में 62 प्रतिशत कवरेज हासिल हुआ है।
हालांकि, कुछ योजनाओं में डेटा शुद्धिकरण का काम जारी है। सरकार का कहना है कि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद वंचित नहीं रहेगा।
दूसरे चरण में 16 योजनाओं के तहत स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और बिजली कनेक्शन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए योजनाओं की निगरानी भी की जा रही है।
