अंग्रेजों की धरती पर लहराया तिरंगा! 1948 में भारतीय हॉकी टीम ने ब्रिटेन को 4-0 से हराकर ओलंपिक गोल्ड जीता और इतिहास रच दिया।

15 अगस्त 1947 को सदियों की गुलामी के बाद हम आज़ाद तो हो गए, पर Partition के जख्म बहुत गहरे थे। लेकिन क्या आपको पता है कि अंग्रेजों से असली और सबसे बड़ा Revenge ठीक एक साल बाद सीधे मैदान पर लिया गया था?
सीन था अगस्त 1948 के London Olympics का। हॉकी के Final Match में इंडिया का मुकाबला उसी ब्रिटेन से था, जिसने हम पर 200 साल राज किया था। फिर क्या, हमारे शेरों ने अंग्रेजों को उन्हीं के होम ग्राउंड पर, उन्हीं के क्राउड के सामने 4-0 से ऐसा धोया कि पूरा वेम्बली स्टेडियम सन्न रह गया! इसे कहते हैं Absolute Domination!
मैच के बाद जब Prize Ceremony हुई, तो नजारा देखने लायक था। ब्रिटिशर्स चुपचाप खड़े थे, उनका यूनियन जैक नीचे आ रहा था और इतिहास में पहली बार, एक आज़ाद देश के रूप में हमारा तिरंगा सबसे ऊपर जा रहा था। Literally Pure Goosebumps Moment!
खिलाड़ियों की आँखों में आंसू थे। कप्तान किशन लाल ने इमोशनल होकर कहा—आज़ादी तो पिछले साल मिली थी, लेकिन उसका असली जश्न हमने आज मनाया है।
