‘डस्टबिन मीडियम’ बयान पर रोहित रॉय ने सफाई दी। बोले- मेरा मकसद किसी एक्टर या डायरेक्टर पर निशाना साधना नहीं था, मैं टीवी कंटेंट की क्वालिटी की बात कर रहा था।

टीवी एक्टर रोहित रॉय इन दिनों अपने ‘डस्टबिन मीडियम’ वाले बयान को लेकर चर्चा में हैं। बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। अब एक्टर ने सफाई देते हुए कहा है कि उनका निशाना किसी कलाकार या टीवी प्रोफेशनल पर नहीं था, बल्कि वह टेलीविजन पर बन रहे कंटेंट की क्वालिटी की बात कर रहे थे। टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता रोहित रॉय अपने एक हालिया बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। रोहित ने भारतीय टेलीविजन को लेकर ‘डस्टबिन मीडियम’ जैसी टिप्पणी की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी बात को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब एक्टर ने अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट किया है।
‘मैं खुद टीवी एक्टर हूं’…..
ANI को दिए इंटरव्यू में रोहित रॉय ने कहा कि वह खुद एक टीवी एक्टर हैं और उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा टेलीविजन को दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें टीवी से लगाव है और बड़े पर्दे पर काम करने के बावजूद टेलीविजन उनके करियर का अहम हिस्सा रहा है। रोहित ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने पूरा इंटरव्यू देखे बिना केवल हेडलाइन के आधार पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, उनके बयान को एक क्लिकबेट हेडलाइन के जरिए अलग तरीके से समझा गया और कुछ लोगों ने उनके ऊपर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की।
‘डस्टबिन मीडियम’ से क्या मतलब था…..?

अपने विवादित बयान को लेकर सफाई देते हुए रोहित रॉय ने कहा कि उनका मतलब यह था कि टेलीविजन पर कई बार ऐसा कंटेंट भी प्रसारित हो जाता है, जिसकी गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि वह टीवी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को यह सोचने के लिए कह रहे हैं कि मौजूदा कंटेंट में किस तरह सुधार किया जा सकता है। रोहित के मुताबिक, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उन्हें कई ऐसे प्रोजेक्ट देखने को मिल रहे हैं, जिनका कंटेंट उन्हें बेहतर लगता है।
ट्रोलिंग पर भी बोले रोहित…..
अपने बयान के बाद मिली आलोचना पर रोहित रॉय ने कहा कि अलग राय रखने का अधिकार हर व्यक्ति को है। उन्होंने कहा कि वह दूसरे कलाकारों की प्रतिक्रियाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले यह समझना जरूरी है कि सामने वाले ने वास्तव में क्या कहा है। रोहित ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत टिप्पणी किए जाने के बाद उन्होंने उसे खुद इंस्टाग्राम पर मैसेज किया। उनका कहना था कि वह उस व्यक्ति से यह समझना चाहते थे कि उसने इस तरह प्रतिक्रिया क्यों दी और उनके बयान का वास्तविक संदर्भ क्या था।
‘मैंने किसी एक्टर या डायरेक्टर पर निशाना नहीं साधा’…..
रोहित रॉय ने साफ किया कि उनका बयान किसी खास एक्टर, डायरेक्टर या प्रोड्यूसर को लेकर नहीं था। उनका कहना है कि वह भारतीय टेलीविजन पर बेहतर और अलग तरह का कंटेंट देखना चाहते हैं। एक्टर के मुताबिक, अगर इंडस्ट्री लगातार एक जैसे शो बनाती रहे और यह मानती रहे कि दर्शक सिर्फ वही देखना चाहते हैं, तो यह सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद टीवी इंडस्ट्री की आलोचना करना नहीं, बल्कि उसके कंटेंट में सुधार की बात करना था।
‘30 साल से टीवी के लिए लड़ रहा हूं’…..
रोहित रॉय ने अपने लंबे टीवी करियर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 30 साल तक टेलीविजन को पहचान दिलाने के लिए काम किया है। उन्होंने टीवी कलाकारों की क्षमता पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, टेलीविजन इंडस्ट्री में काफी प्रतिभा मौजूद है। टीवी से निकलकर कई कलाकार फिल्मों और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स में अपनी पहचान बना चुके हैं। रोहित का कहना है कि टीवी कलाकार बड़े सितारों के साथ काम करने की क्षमता रखते हैं और उन्हें कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। इस तरह रोहित रॉय ने अपने ‘डस्टबिन मीडियम’ वाले बयान का संदर्भ स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि टेलीविजन कंटेंट की गुणवत्ता पर सवाल उठाना और उसमें सुधार की जरूरत बताना था।
