साहिबाबाद की पांडा टॉय फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया।

एक आम शाम… जब साहिबाबाद के औद्योगिक इलाके में लोग वीकेंड मोड में आने की तैयारी कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल यहाँ क्या होने वाला है। अचानक, आसमान में काले धुएं का ऐसा खौफनाक गुबार उठता है कि मीलों दूर से लोगों के दिल दहल जाते हैं। साहिबाबाद का साइट-4 इलाका… जहाँ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले खिलौने बनते थे, वहाँ मौत का तांडव शुरू हो चुका था
शाम के करीब 5 बजकर 43 मिनट पर अपैक्स ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पांडा टॉय फैक्ट्री में रोजाना की तरह काम चल रहा था। लेकिन तभी, बिजली के तारों में एक जोरदार स्पार्क होता है। एक छोटा सा शॉर्ट-सर्किट… और देखते ही देखते यह चिंगारी एक ऐसी भीषण आग में बदल जाती है जो पूरी फैक्ट्री को अपनी आगोश में ले लेती है।फैक्ट्री की दीवारें लोहे की टिन शीट से बनी थीं और अंदर प्लास्टिक, रबर और खिलौने बनाने का कच्चा माल बिखरा पड़ा था। इस बारूद जैसे माहौल में आग को फैलने में चंद सेकंड भी नहीं लगे।
खबर मिलते ही गाजियाबाद फायर डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। साहिबाबाद, वैशाली और घंटाघर कोतवाली स्टेशनों से एक के बाद एक, कुल 12 फायर टेंडर यानी दमकल की गाड़ियां मौके की तरफ दौड़ पड़ीं। चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल के नेतृत्व में फायर फाइटर्स जब वहां पहुंचे, तो मंजर बेहद डरावना था। लोहे की चादरों की वजह से फैक्ट्री के अंदर का धुआं बाहर नहीं निकल पा रहा था। पूरी बिल्डिंग एक भट्टी बन चुकी थी। विजिबिलिटी जीरो थी। ऐसे में दमकल कर्मियों ने अपनी जान की बाजी लगाई। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीनों को तैनात किया गया और चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू हुईं।
आग इतनी भयानक थी कि करोड़ों का माल जलकर खाक हो गया। लेकिन इस पूरी तबाही के बीच जो सबसे बड़ी और राहत की बात रही, वो था एक चमत्कार! जैसे ही आग भड़की, फैक्ट्री के अंदर मौजूद सभी कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए। इस पूरे खौफनाक हादसे में किसी की जान नहीं गई और कोई भी घायल नहीं हुआ। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जांबाज दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
पांडा टॉय फैक्ट्री की यह आग बुझ चुकी है, लेकिन यह हादसा एक बड़ा सबक छोड़ गया है कि फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी और शॉर्ट-सर्किट से बचाव के इंतजाम कितने जरूरी हैं। जरा सी लापरवाही करोड़ों का नुकसान कर सकती है। सलाम है उन दमकल कर्मियों को जिन्होंने वक्त रहते इस तबाही को आगे बढ़ने से रोक लिया। इस घटना पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
