भारतीय रेलवे की बंपर कमाई! 🚆📈 अगस्त में 13.79 करोड़ टन माल ढोकर बनाया नया रिकॉर्ड, फ्रेट रेवेन्यू भी बढ़ा।

भारतीय रेलवे ने अगस्त 2026 में माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में कुल 137.9 मिलियन टन यानी करीब 13.79 करोड़ टन माल की ढुलाई की गई। यह पिछले साल अगस्त में दर्ज 130.9 मिलियन टन के मुकाबले करीब 5.4 फीसदी अधिक है। माल ढुलाई में बढ़ोतरी का सीधा असर रेलवे की कमाई पर भी दिखाई दिया है। अगस्त में फ्रेट रेवेन्यू में सालाना आधार पर 6.27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रेलवे के मुताबिक, माल ढुलाई बढ़ाने के साथ कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जा रहा है।
लौह अयस्क और कोयले की ढुलाई में भी तेजी…..
अगस्त में कई प्रमुख वस्तुओं की लोडिंग में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार, लौह अयस्क की लोडिंग 12.1 फीसदी, क्लिंकर की 10.4 फीसदी, घरेलू कंटेनर की 9.2 फीसदी और कोयले की लोडिंग करीब 6 फीसदी बढ़ी। इन वस्तुओं की बढ़ती ढुलाई ने रेलवे के कुल फ्रेट कारोबार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खास तौर पर कोयला और लौह अयस्क रेलवे के माल ढुलाई कारोबार के प्रमुख हिस्सों में शामिल हैं।
फ्रेट रेवेन्यू में 6.27 फीसदी का इजाफा…..
माल ढुलाई में बढ़ोतरी के साथ रेलवे की फ्रेट कमाई में भी इजाफा हुआ। अगस्त 2026 में फ्रेट रेवेन्यू पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 6.27 फीसदी बढ़ा। रेलवे लगातार माल ढुलाई को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम कर रहा है। इसी दिशा में अगस्त में करीब 5 नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए गए।
देश में 149 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल…..
नए टर्मिनलों के शुरू होने के बाद देशभर में गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है। इन टर्मिनलों का उद्देश्य माल की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाना है। इन सुविधाओं के जरिए माल को रेलवे नेटवर्क से अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे कारोबारियों और उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
यात्री सेवाओं में भी बढ़ी संख्या…..
भारतीय रेलवे के प्रदर्शन में सिर्फ माल ढुलाई ही नहीं, बल्कि यात्री सेवाओं में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। अगस्त में उपनगरीय रेल सेवाओं से करीब 38 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 9 फीसदी अधिक है। वहीं, पूरे रेलवे नेटवर्क पर अगस्त में यात्रियों की संख्या करीब 672.7 मिलियन यानी 67.27 करोड़ रही। यह सालाना आधार पर लगभग 5 फीसदी की वृद्धि को दिखाता है।
त्योहारों को देखते हुए बढ़ाई गई ट्रेन सेवाएं…..
त्योहारी सीजन को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त सेवाएं भी संचालित कीं। रक्षाबंधन के दौरान 25 से 31 अगस्त के बीच ट्रेनों के 144 अतिरिक्त फेरे संचालित किए गए। इसके अलावा 14 अमृत भारत सेवाओं को नियमित किया गया। रेलवे की ओर से इस तरह के कदमों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को संभालना और लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।
रेलवे के लिए माल और यात्री दोनों मोर्चों पर बढ़त…..
अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई और यात्री सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की है। एक तरफ 13.79 करोड़ टन माल ढुलाई से फ्रेट रेवेन्यू बढ़ा, वहीं दूसरी तरफ यात्री संख्या में भी इजाफा हुआ। आने वाले महीनों में त्योहारों के सीजन के कारण यात्री ट्रैफिक और माल ढुलाई दोनों में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में रेलवे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और कार्गो क्षमता को मजबूत करना अहम बना रहेगा।
