अयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित “अंतिम यात्रा” को लेकर सोशल मीडिया पर बड़े दावे वायरल हो रहे हैं। भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी और ईरान के शक्ति प्रदर्शन की चर्चाओं ने अंतरराष्ट्रीय हलचल बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की “अंतिम यात्रा” को लेकर कई तरह के दावे सामने आ रहे हैं। इन दावों में कहा जा रहा है कि तेहरान में एक बड़े स्तर पर अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
हालांकि, अब तक किसी भी आधिकारिक और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय स्रोत या ईरानी सरकार की ओर से इस तरह की किसी पुष्टि की पुष्टि नहीं की गई है। मौजूदा जानकारी के अनुसार अली खामेनेई जीवित हैं और ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में कार्यरत हैं।
तेहरान से शुरू हुई सात दिन की अंतिम यात्रा
करीब चार महीने पहले निधन के बाद 3 जुलाई को पहली बार अली खामेनेई का पार्थिव शरीर आम लोगों के बीच लाया गया. इसके साथ ही उनकी सात दिन की अंतिम यात्रा शुरू हो गई. यह यात्रा ईरान और इराक के पांच शहरों से होकर लगभग 3,000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और ईरान के मशहद शहर में समाप्त होगी, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
ईरान की रणनीति और कूटनीतिक संदेश की चर्चा
इन दावों के बीच राजनीतिक विश्लेषकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि ईरान ऐसे बड़े आयोजनों या सार्वजनिक प्रदर्शन के माध्यम से अपनी कूटनीतिक पहुंच और घरेलू एकजुटता का संदेश देने की कोशिश करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी बड़े स्तर पर सार्वजनिक जुटान या राजकीय आयोजन होता है, तो उसे ईरान अपनी आंतरिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय समर्थन के प्रदर्शन के रूप में पेश कर सकता है।
भारत समेत 100 देशों की मौजूदगी
ईरान के अनुसार, अंतिम यात्रा में 100 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे हैं.
इसके अलावा फिलिस्तीन, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, इराक, रूस, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, बुल्गारिया और कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रतिनिधि भी तेहरान पहुंचे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष हे वेई और बांग्लादेश की संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है.
2 करोड़ से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा
तेहरान की ओर से दावा किया गया है कि अंतिम यात्रा में 2 करोड़ से अधिक लोग शामिल होंगे. वहीं, कोम शहर के जुमे की नमाज के इमाम अयातुल्ला मोहम्मद सईदी ने कहा कि यह अंतिम यात्रा ईरान के लिए ‘एक और जनमत संग्रह’ जैसी साबित होगी, जो दुनिया को देश की एकजुटता का संदेश देगी.
जंग के बाद एकजुटता का संदेश
ईरानी अधिकारियों और समर्थकों का कहना है कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ यह दिखाती है कि हालिया युद्ध के बावजूद देश की जनता अपने नेतृत्व और व्यवस्था के साथ मजबूती से खड़ी है. सड़कों पर जुटे लोगों को ईरान शहादत को श्रद्धांजलि और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में पेश कर रहा है.
