ई-रिक्शा को रिमोटली बंद करने वाली मोबाइल ऐप्स पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। वायरल वीडियो के बाद दो ऐप्स को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाया गया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर बड़ा कदम माना जा रहा है।

देश में ई-रिक्शा को रिमोटली बंद करने वाली मोबाइल ऐप्स को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है और अब दो ऐसी ऐप्स को ऐप स्टोर और प्ले स्टोर से हटाने की जानकारी सामने आई है।
सरकार की ओर से ऐप स्टोर्स को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे किसी भी ऐप को प्लेटफॉर्म पर न रखा जाए, जो वाहनों की सुरक्षा या संचालन में दखल दे सके।
सोशल मीडिया वीडियो से खुला मामला
पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिनमें कुछ लोग सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा को मोबाइल ऐप के जरिए अचानक बंद करते हुए दिखे। इन घटनाओं ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, बल्कि तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी।
इन वीडियो के सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए।
कौन सी ऐप थी विवाद में?
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा BAT-BMS ऐप की हो रही है। बताया जा रहा है कि यह ऐप मूल रूप से बैटरी मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसका उपयोग ई-रिक्शा को कंट्रोल और बंद करने के लिए किया जाने लगा।
यह ऐप चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology द्वारा विकसित की गई बताई जाती है, जिसे मुख्य रूप से सोलर, ऑफ-ग्रिड और मरीन बैटरी मॉनिटरिंग के लिए डिजाइन किया गया था।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
ई-रिक्शा में आमतौर पर लिथियम बैटरी का उपयोग होता है, जिसमें ब्लूटूथ-सक्षम Battery Management System (BMS) लगा होता है।
अगर यह सिस्टम सुरक्षित (secure) या पासवर्ड प्रोटेक्टेड न हो, तो यह मोबाइल ऐप से कनेक्ट हो सकता है।
एक बार कनेक्शन बन जाने के बाद—
- ऐप बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को कंट्रोल कर सकती है
- “Power Off” कमांड से बैटरी मोटर को पावर देना बंद कर देती है
- इसके बाद ई-रिक्शा अचानक बीच रास्ते में रुक जाता है
यह स्थिति यात्रियों और ड्राइवर दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
सड़क के बीच ई-रिक्शा का अचानक बंद हो जाना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह स्थिति और भी जोखिम भरी हो जाती है।
इसके अलावा, विशेषज्ञों ने बैटरी सिस्टम की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है कि यदि BMS सही तरीके से सुरक्षित नहीं है तो इसे बाहरी ऐप्स द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी असर?
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऐप केवल उन्हीं बैटरियों के साथ काम कर सकती है जिनका BMS असुरक्षित या अनप्रोटेक्टेड हो।
यदि किसी इलेक्ट्रिक वाहन में—
- सुरक्षित और पासवर्ड-प्रोटेक्टेड BMS हो
- या निर्माता की आधिकारिक ऐप का उपयोग किया जा रहा हो
तो ऐसी थर्ड-पार्टी ऐप्स से उसे नियंत्रित करना संभव नहीं होता।
सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐप स्टोर्स (Google Play Store और Apple App Store) से ऐसे ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में ऐसे ऐप्स को सूचीबद्ध करने से रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जा सकते हैं।
सरकार इस मुद्दे पर ऐप प्लेटफॉर्म्स के साथ चर्चा भी करेगी ताकि सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐप्स को समय रहते रोका जा सके।
