जम्मू-कश्मीर में NIA का बड़ा एक्शन! 🚨 5 जिलों के 10 ठिकानों पर छापेमारी, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क की जांच तेज। जानिए क्या-क्या मिला और किस नेटवर्क पर है एजेंसी की नजर.....?

जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकी साजिश के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शनिवार, 12 सितंबर को केंद्र शासित प्रदेश के पांच जिलों में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क और उसके स्थानीय मददगारों की भूमिका की जांच के तहत की गई। NIA की यह कार्रवाई कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर में की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स और जम्मू-कश्मीर में मौजूद उनके स्थानीय सहयोगियों के बीच किस तरह संपर्क और मदद का नेटवर्क काम कर रहा था।
OGW नेटवर्क पर NIA की नजर……
जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आशंका है कि ये लोग घुसपैठ कर आने वाले आतंकियों को रहने की जगह, आने-जाने में मदद, इलाके की जानकारी और दूसरी लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने में शामिल हो सकते हैं। NIA इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए पहले सामने आए सबूतों और शनिवार को की गई छापेमारी में मिले दस्तावेजों व अन्य सामग्री की जांच कर रही है।
मार्च में गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई थी जांच……
इस मामले की जांच 31 मार्च 2026 की देर रात हुई एक गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ी थी। जांच के दौरान लश्कर से जुड़े एक कथित OGW को नाके पर पकड़ा गया था। उसके पास से कथित तौर पर हैंड ग्रेनेड और जिंदा गोलियां बरामद हुई थीं। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और कथित साजिश से जुड़े कुछ पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी के साथ स्थानीय स्तर पर आतंकियों की मदद करने वाले लोगों की भूमिका भी सामने आई।
आर्थिक और कम्युनिकेशन नेटवर्क की भी पड़ताल……
NIA अब सिर्फ स्थानीय मददगारों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक और संचार व्यवस्था की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक कैसे पहुंचाए गए और इस नेटवर्क को आर्थिक मदद कहां से मिल रही थी। छापेमारी के दौरान NIA ने मामले से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की है। इनकी जांच पहले से जुटाए गए सबूतों के साथ की जा रही है।
आगे और कार्रवाई संभव……
NIA के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी कथित आतंकी साजिश में शामिल लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी जांच एजेंसी की ओर से सामने आए तथ्यों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।
