“नागरिक का भरोसा ही लोकतंत्र की ताकत” 🇮🇳 CM योगी ने सुशासन पर दिया जोर, बोले- हर शिकायत का मेरिट के आधार पर और समयबद्ध समाधान जरूरी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुशासन और जनविश्वास को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया है। लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत यह है कि आम नागरिक उस पर भरोसा करे। उनके मुताबिक, केवल संस्थाओं का गठन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप उनके कामकाज का परिणाम भी दिखाई देना चाहिए।
जनविश्वास के बिना सुशासन का लक्ष्य अधूरा……
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुड गवर्नेंस सीधे तौर पर पब्लिक ट्रस्ट यानी जनता के विश्वास से जुड़ा हुआ है। यदि आम नागरिक को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं होगा, तो सुशासन के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी यह महसूस होना चाहिए कि संवैधानिक संस्थाएं उसकी बात सुनती हैं और उसे न्याय तथा समाधान मिल सकता है। लोकतंत्र की असली कसौटी यही है कि सामान्य नागरिक बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत या जिज्ञासा लेकर संस्थाओं तक पहुंच सके।
शिकायतों का समाधान मेरिट के आधार पर हो……
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। किसी व्यक्ति की जाति, धर्म या संप्रदाय उसके मामले के समाधान में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और संस्थाओं से शिकायतों की पूरी पड़ताल करने और उन्हें मेरिट के आधार पर निपटाने की बात कही। साथ ही शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से करने पर भी जोर दिया, ताकि लोगों का संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत हो।
PDS की शिकायतों का किया जिक्र……
सीएम योगी ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को लेकर सामने आई शिकायतों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के शुरुआती दौर में जनता दर्शन में आने वाले लोगों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती थी, जो खाद्यान्न और PDS से जुड़ी शिकायतें लेकर आते थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार ने इस व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल किया। ई-पॉस मशीनों के साथ मुख्यालय स्तर पर निगरानी की व्यवस्था को जोड़ा गया। उन्होंने दावा किया कि इसका असर यह हुआ कि बाद के वर्षों में जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने के बावजूद PDS से संबंधित शिकायतें लगभग खत्म हो गईं।
लैंड यूज मामलों में तय की गई समय सीमा……
सीएम योगी ने लैंड यूज से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों के निपटारे के लिए समय सीमा तय की गई है। यदि निर्धारित समय में मामले का समाधान नहीं होता है तो जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में करीब 34 लाख मामलों का समाधान किया गया है। वहीं, इस अवधि में लगभग 9 लाख नए मामले भी सामने आए हैं, जिनका मेरिट के आधार पर निस्तारण करने की प्रक्रिया जारी है।
संस्था से ज्यादा जरूरी है उसका परिणाम……
सीएम योगी ने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था की स्थापना अपने आप में समस्या का समाधान नहीं है। असली महत्व इस बात का है कि वह संस्था लोगों के लिए किस तरह काम करती है और उसके फैसलों व कार्रवाई का आम नागरिक पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर किसी संस्था के पास जाए, तो उसे निष्पक्ष तरीके से सुना जाना चाहिए और उसे नियमों के अनुरूप समाधान मिलना चाहिए। यही व्यवस्था जनता के बीच विश्वास को मजबूत करती है।
लोकतंत्र में भरोसे की अहम भूमिका……
मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य फोकस जनविश्वास, जवाबदेही और समयबद्ध समाधान पर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की सफलता केवल उनके अस्तित्व से नहीं, बल्कि आम नागरिक के अनुभव और भरोसे से तय होती है। उनके मुताबिक, जब समाज का सामान्य व्यक्ति यह महसूस करता है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और बिना भेदभाव के उसका समाधान किया जाएगा, तभी सुशासन की वास्तविक भावना मजबूत होती है।
