
स्वदेशी हमारा स्वाभिमान महा अभियान 10 अगस्त से देशभर में जोरदार तरीके से शुरू होने जा रहा है। यह घोषणा चांदनी चौक से सांसद और कैट (कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने की। उनका कहना है कि यह अभियान न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा बल्कि व्यापारियों, लघु उद्योगों और स्टार्टअप्स को नई ऊर्जा भी प्रदान करेगा। सरकार पहले ही मुद्रा लोन, लखपति दीदी योजना और स्टार्टअप प्रोत्साहन जैसे कदमों से व्यापारियों को मजबूती दे चुकी है। अब यह अभियान देश को स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करने और विदेशी निर्भरता को खत्म करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
स्वदेशी हमारा स्वाभिमान महा अभियान का आगाज
सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि 10 अगस्त से कैट द्वारा स्वदेशी हमारा स्वाभिमान महा अभियान का देशव्यापी आगाज होगा। इस महाअभियान का उद्देश्य है कि भारत के बड़े बाजार को विदेशी, खासकर चीनी उत्पादों से मुक्त किया जाए।
उन्होंने बताया कि कैट वर्तमान में देश के लगभग 48,000 व्यापारिक संगठनों और 9 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व कर रहा है। ऐसे में यह अभियान न केवल व्यापारियों का बल्कि करोड़ों उपभोक्ताओं का भी अभियान बन जाएगा।
चीनी उत्पादों पर लगाम
खंडेलवाल ने साफ कहा कि चीन ने सस्ते उत्पादों के लालच से भारत के बाजार में गहरी पैठ बना ली थी। इस कारण हमारे देश के छोटे उद्योग और कुटीर उद्योग धीरे-धीरे कमजोर हो गए। लेकिन मोदी सरकार आने के बाद से लगातार ऐसे कदम उठाए गए जिनसे भारतीय उद्योगों को राहत मिली।
आज स्थिति यह है कि पहले जिन उद्योगों का अस्तित्व खतरे में था, वे अब दोबारा मजबूती के साथ खड़े हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर मोबाइल निर्माण उद्योग में अब भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खंडेलवाल ने दावा किया कि आज 99% मोबाइल फोन भारत में ही बन रहे हैं।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम

इस महाअभियान का मकसद सिर्फ विदेशी उत्पादों का बहिष्कार करना नहीं है बल्कि भारत में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
- स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना
- युवाओं को स्टार्टअप की ओर प्रोत्साहित करना
- कुटीर और लघु उद्योगों को सहारा देना
- स्वदेशी उत्पादों के क्रय-विक्रय को तेज करना
खंडेलवाल का कहना है कि यह अभियान भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
कैट और सरकार की साझेदारी
कैट और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रहे हैं ताकि व्यापारियों के लिए सही नीतियां लागू की जा सकें। मुद्रा लोन, स्टार्टअप प्रोत्साहन योजना, लखपति दीदी योजना जैसी योजनाएं छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दे रही हैं।
कैट की भूमिका इस मामले में एक पुल (Bridge) की है – जो सरकार और व्यापारियों को जोड़ता है। यही वजह है कि व्यापार जगत के हितों की रक्षा बेहतर तरीके से हो पा रही है।
ग्वालियर कार्यक्रम में प्रवीण खंडेलवाल का संदेश
ग्वालियर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में सांसद खंडेलवाल ने स्वदेशी हमारा स्वाभिमान महा अभियान के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ व्यापार का विषय नहीं है बल्कि भारत के स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान भारत के हर राज्य और हर शहर में चलाया जाएगा, ताकि हर नागरिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित हो।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर खंडेलवाल का बयान
सांसद खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार आने के बाद विकास की दिशा में तेजी आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले कुछ वर्षों में दिल्ली की तस्वीर बदल जाएगी।
साथ ही, उन्होंने अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर भी बयान दिया। खंडेलवाल का कहना है कि चाहे रोहिंग्या मुसलमान हों या बांग्लादेशी, किसी भी विदेशी नागरिक को भारत में रहने का अधिकार नहीं है। यह कदम भी भारत को मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में जरूरी है।
स्वदेशी हमारा स्वाभिमान महा अभियान क्यों जरूरी है?
- आर्थिक मजबूती – भारतीय उद्योगों और व्यापारियों को सहारा मिलेगा।
- विदेशी निर्भरता खत्म होगी – खासकर चीन पर आयात कम होगा।
- नए रोजगार पैदा होंगे – स्टार्टअप और MSMEs को प्रोत्साहन मिलेगा।
- आत्मनिर्भर भारत मिशन को गति – मोदी सरकार की नीति को मजबूती।
- उपभोक्ता जागरूकता – लोग स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित होंगे।
भविष्य की दिशा
खंडेलवाल ने कहा कि आने वाले समय में यह अभियान भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी के दौर में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से देश और ज्यादा मजबूत होगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि चीन जैसे देशों के उत्पादों को रोकने के लिए सख्त रणनीति बनाई जाए। कैट इस दिशा में सरकार पर निरंतर दबाव बनाएगा।
निष्कर्ष
स्वदेशी हमारा स्वाभिमान महा अभियान केवल व्यापारियों का अभियान नहीं है, यह हर भारतीय का अभियान है। यह आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा कदम है, जो हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे उद्योग और हमारे स्वाभिमान को नई ताकत देगा।
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