11 दिनों से अनशन पर बैठे वांगचुक की तबीयत बिगड़ती जा रही है।

जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। बुधवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घट चुका है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रही है। वहीं, प्रदर्शनकारी परीक्षा अनियमितताओं और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य बुलेटिन में क्या बताया गया?
बुधवार सुबह जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलोग्राम रह गया है। भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनके वजन में 7 किलोग्राम से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बैठने की स्थिति में उनका रक्तचाप (बीपी) 103/68 mmHg और लेटने की स्थिति में 111/73 mmHg रिकॉर्ड किया गया। उनकी हृदय गति 74 धड़कन प्रति मिनट, ब्लड शुगर 75 mg/dL और ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत दर्ज किया गया। स्वास्थ्य बुलेटिन में यह भी बताया गया कि उनके शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल सामान्य है और वह मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं, हालांकि लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
19वें दिन भी जारी है प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर लगातार 19वें दिन भी जारी रहा। संगठन का आरोप है कि देश में बार-बार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारी इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच, CJP ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर लगी रोक हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन के लिए बड़ी जीत बताया।
अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जारी है। उन्होंने मांग दोहराई कि कथित परीक्षा अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और परीक्षा से जुड़े मामलों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
अन्य छात्र संगठन भी भूख हड़ताल पर
प्रदर्शन स्थल पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कुछ सदस्य भी अलग मंच पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनमें नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक कुमार वर्मा और आमीन शामिल हैं। छात्र संगठन भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
