राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच को 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलने पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने BJP पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित हमले को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिए जाने और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित हमले को लेकर देश की राजनीति गर्मा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निष्पक्ष जांच और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई के लिए किया जा रहा है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। वहीं महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित अंडे और सब्जियां फेंके जाने की घटना को लेकर भी विपक्ष ने भाजपा को घेरा है।
राम मंदिर चढ़ावा जांच पर उठे सवाल
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उनका इशारा इस ओर था कि यदि जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी जांच की समय-सीमा बढ़ाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि मामले में शामिल कथित बड़े लोगों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में जांच निष्पक्ष, समयबद्ध और बिना किसी राजनीतिक दबाव के होनी चाहिए, तभी लोगों का विश्वास कायम रहेगा।
यूसीसी पर भी विपक्ष के सवाल
इस दौरान पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी सवाल पूछा गया, जिस पर मनोज झा ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले भी कई बार बहस हो चुकी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यूसीसी लागू होने से युवाओं को रोजगार मिलेगा या देश में आर्थिक असमानता कम होगी। उनके अनुसार सरकार को रोजगार, महंगाई और आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित हमला
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अंडे और सब्जियां फेंके जाने की घटना को लेकर भी विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
मनोज झा ने कहा कि यदि चुनाव हारने के बाद भी राजनीतिक दल इस तरह की घटनाओं को अंजाम देंगे और उन्हें रोकने की कोशिश नहीं होगी, तो भविष्य में ऐसे मामलों की गंभीरता और बढ़ सकती है।
कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी महिला जनप्रतिनिधि के कार्यालय पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
