मेघालय में हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं और टूरिज्म से हजारों करोड़ की अर्थव्यवस्था जुड़ी है.

मेघालय अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, झरनों, गुफाओं, एडवेंचर एक्टिविटीज और समृद्ध स्थानीय संस्कृति के कारण देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है. शिलॉन्ग, चेरापूंजी, मावसिनराम, डावकी, नोंग्रियाट और जैंतिया हिल्स जैसे पर्यटन स्थल हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने नेचर टूरिज्म के साथ म्यूजिक फेस्टिवल, कॉन्सर्ट और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया है.
लेकिन हाल में शिलॉन्ग में सामने आई हिंसा और विवाद की घटनाओं ने राज्य के पर्यटन कारोबार को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पर्यटन पर किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर होटल, होमस्टे, टैक्सी, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय दुकानदारों पर पड़ सकता है. ऐसे में सवाल है कि मेघालय की टूरिज्म इकॉनमी कितनी बड़ी है और अगर पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होती है तो राज्य को कितना नुकसान हो सकता है?
2024 में 16 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
मेघालय सरकार के फरवरी 2026 के गजट में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में करीब 16 लाख पर्यटकों ने मेघालय का दौरा किया. यह संख्या 2023 के मुकाबले लगभग 13.04 फीसदी अधिक थी. इसी अवधि में विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी और करीब 23 हजार विदेशी पर्यटक राज्य पहुंचे. केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भी 2024 में मेघालय में घरेलू पर्यटकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. राज्य में पर्यटन गतिविधियों की यह तेजी बताती है कि कोविड के बाद मेघालय ने अपने टूरिज्म सेक्टर में मजबूत वापसी की है. पर्यटकों की बढ़ती संख्या का फायदा केवल बड़े होटल या ट्रैवल कंपनियों को नहीं मिलता. इसका असर स्थानीय टैक्सी ड्राइवरों, होमस्टे संचालकों, रेस्टोरेंट, गाइड, दुकानदारों, हस्तशिल्प कारोबार और छोटे व्यापारियों तक पहुंचता है.
2022 में करीब 1,600 करोड़ रुपये की टूरिज्म इंडस्ट्री
मेघालय सरकार ने पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया है. आधिकारिक दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में राज्य की टूरिज्म इंडस्ट्री की वैल्यू करीब 1,600 करोड़ रुपये आंकी गई थी.
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस सेक्टर को और बड़ा बनाना है. अनुमान के मुताबिक, 2028 तक मेघालय की पर्यटन अर्थव्यवस्था को करीब 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में राज्य के लिए पर्यटन कितना महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र बनने वाला है. यदि पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती है तो रोजगार और स्थानीय कारोबार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
सिर्फ घूमने नहीं, म्यूजिक और कल्चर के लिए भी पहुंचते हैं पर्यटक
मेघालय ने अपने पर्यटन मॉडल को सिर्फ प्राकृतिक स्थलों तक सीमित नहीं रखा है. राज्य में म्यूजिक फेस्टिवल, कॉन्सर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी पर्यटन को बढ़ावा दिया है. विशेषकर शिलॉन्ग को देश के प्रमुख म्यूजिक डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान मिली है. बड़े संगीत कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक कई दिनों तक राज्य में रुकते हैं.
इसका सीधा फायदा होटल और होमस्टे सेक्टर को मिलता है. इसके अलावा टैक्सी, रेस्टोरेंट, कैफे, स्थानीय बाजार, टूर गाइड और अन्य छोटे कारोबार भी इससे कमाई करते हैं. यानी एक पर्यटक का खर्च केवल टिकट या होटल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह स्थानीय अर्थव्यवस्था के कई हिस्सों तक पहुंचता है.
विवाद और हिंसा से क्यों बढ़ी पर्यटन कारोबार की चिंता?
19 अगस्त 2026 को शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की ब्लैक फ्लैग बाइक रैली के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. ऐसी घटनाओं का असर केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पर्यटन जैसे संवेदनशील सेक्टर पर भी पड़ सकता है. पर्यटन उद्योग में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक पर्यटकों की सुरक्षा की धारणा है. अगर किसी पर्यटन स्थल को लेकर यात्रियों के बीच असुरक्षा की भावना बनती है, तो लोग अपनी यात्रा टाल सकते हैं या बुकिंग रद्द कर सकते हैं.
मेघालय जैसे राज्य में इसका असर खास तौर पर दिखाई दे सकता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में पर्यटक छुट्टियां बिताने, प्रकृति देखने और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए पहुंचते हैं.
कितना हो सकता है नुकसान?
किसी एक घटना के बाद मेघालय के पर्यटन कारोबार को हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान का सटीक आंकड़ा घटना के बाद ही आधिकारिक तौर पर सामने आ सकता है. इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि राज्य को कितने करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हालांकि, अगर हिंसा या अस्थिरता लंबे समय तक बनी रहती है और पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट आती है, तो नुकसान कई स्तरों पर हो सकता है.
मसलन, होटल और होमस्टे की बुकिंग घट सकती है. टैक्सी और कैब की मांग कम हो सकती है. रेस्टोरेंट और स्थानीय दुकानों की बिक्री प्रभावित हो सकती है. ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों को कैंसिलेशन का सामना करना पड़ सकता है. वहीं म्यूजिक फेस्टिवल और अन्य कार्यक्रमों में आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होने पर आयोजन से जुड़े कारोबार भी प्रभावित हो सकते हैं.
एक पर्यटक कम आने का असर कई कारोबारों पर
मेघालय की पर्यटन अर्थव्यवस्था की खासियत यह है कि इसमें बड़ी संख्या में छोटे और स्थानीय कारोबार जुड़े हुए हैं. इसलिए पर्यटकों की संख्या में कमी का असर केवल एक सेक्टर पर नहीं पड़ता.
एक पर्यटक होटल में ठहरता है, स्थानीय वाहन का इस्तेमाल करता है, रेस्टोरेंट में खाना खाता है, स्थानीय बाजार से सामान खरीदता है और कई बार गाइड या एडवेंचर एक्टिविटी की सेवाएं भी लेता है. इसलिए पर्यटन में आई गिरावट का आर्थिक प्रभाव सीधे और अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में दिखाई देता है.
मेघालय के लिए क्यों जरूरी है पर्यटन की सकारात्मक छवि?
राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों में पर्यटन को बड़े आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में पर्यटकों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है. प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता मेघालय की सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन पर्यटन उद्योग के लिए अच्छी कनेक्टिविटी के साथ-साथ सुरक्षा और स्थिरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. अगर राज्य में कानून-व्यवस्था सामान्य रहती है और पर्यटकों को सुरक्षित माहौल मिलता है, तो मेघालय अपनी बढ़ती पर्यटन क्षमता का फायदा उठा सकता है. वहीं लंबे समय तक चलने वाला विवाद इस सेक्टर की ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है.
Disclaimer: इस लेख में दिए गए आंकड़े उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों और रिपोर्ट किए गए आंकड़ों पर आधारित हैं.
