
भारतीय पुरुष हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। आगामी FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए हॉकी इंडिया द्वारा जारी की गई नई प्राइमरी जर्सी का रंग सैफ्रॉन रखा गया है। इस बदलाव पर भारत के पूर्व हॉकी कप्तान विरेन रासक्विन्हा ने आपत्ति जताई है और कहा कि भारतीय टीम की पहचान हमेशा से नीली जर्सी रही है। नई जर्सी को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ रहे हैं, वहीं कई प्रशंसकों का मानना है कि टीम की पारंपरिक नीली जर्सी ही उसकी असली पहचान है।
हॉकी इंडिया ने जारी किया नई जर्सी का वीडियो
27 जुलाई को हॉकी इंडिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नई जर्सी का अनावरण किया। वीडियो के साथ संस्था ने लिखा कि नई जर्सी का हर रंग और हर डिजाइन भारत की विरासत, संस्कृति और गौरव को दर्शाता है।
पोस्ट में कहा गया कि भारतीय टीम बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित होने वाले FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में इसी नई जर्सी के साथ देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
विरेन रासक्विन्हा ने जताई नाराजगी
नई जर्सी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व कप्तान विरेन रासक्विन्हा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह फैसला उन्हें निराश करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की पहचान वर्षों से नीली जर्सी रही है और उन्होंने स्वयं कई वर्षों तक उसी जर्सी को गर्व के साथ पहना है। उनके अनुसार भारतीय प्रशंसक भी टीम को नीली जर्सी में ही देखना पसंद करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्राइमरी जर्सी का रंग बदलकर नारंगी या सैफ्रॉन करने के पीछे क्या तर्क है।
कलर पर हॉकी इंडिया ने क्या कहा?
वीडियो में हॉकी इंडिया ने भगवा कलर को लेकर कहा कि यह, “यह साहस, त्याग और जीत को दर्शाता है. इसकी प्रेरणा भारत के झंडे और उगते हुए सूरज से ली गई है, यह नई शुरुआत को बताता है.”
इसके बाद जर्सी पर छपे मंडाला को लेकर कहा गया, “भारत की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने वाले प्रेरणादायक पैटर्न.”
जर्सी के ब्लू रंग की झलक को लेकर कहा गया कि अशोक चक्र से प्रेरित है. सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप, जो “ताकत, एकता और गति” का प्रतीक है. इसी तरह जर्सी के और हिस्सों के बारे में बताया गया.
जर्सी में ब्लू रंग भी मौजूद
हालांकि नई जर्सी की मुख्य थीम सैफ्रॉन रखी गई है, लेकिन इसमें नीले रंग का भी इस्तेमाल किया गया है।
हॉकी इंडिया के अनुसार, जर्सी पर मौजूद नीले रंग की डिजाइन अशोक चक्र से प्रेरित है, जो शक्ति, एकता और निरंतर गति का प्रतीक है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
नई जर्सी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
- कुछ प्रशंसकों ने नए डिजाइन और भारतीय संस्कृति से जुड़े रंगों की सराहना की।
- वहीं कई लोगों ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है और उसे बदलना उचित नहीं है।
फिलहाल हॉकी इंडिया ने जर्सी के डिजाइन में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है।
अगले महीने शुरू होगा हॉकी वर्ल्ड कप
भारतीय हॉकी टीम अगले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी। टीम इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगी।
