दाल में झाग देखकर घबराते हैं? जानिए इसे हटाना जरूरी है या नहीं!

दाल भारतीय घरों की रोजमर्रा की थाली का अहम हिस्सा है। अरहर, मूंग, मसूर और उड़द जैसी दालें प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत मानी जाती हैं। लेकिन दाल पकाते समय जब बर्तन में ऊपर सफेद या हल्के रंग का झाग जमा होने लगता है, तो कई लोगों को लगता है कि शायद दाल खराब है या यह झाग सेहत के लिए नुकसानदायक है।
सोशल मीडिया पर भी दाल के झाग को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं। कुछ पोस्ट में इसे यूरिक एसिड बढ़ने, जोड़ों के दर्द और शरीर में नुकसान पहुंचाने से जोड़ा जाता है। लेकिन क्या वास्तव में दाल का झाग इतना खतरनाक है? आइए जानते हैं इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह और क्या इसे हटाना जरूरी है।
दाल में झाग बनता क्यों है?
दाल को पानी में उबालने पर उसमें मौजूद कुछ घुलनशील घटक पानी में आने लगते हैं। इनमें प्रोटीन, स्टार्च और सैपोनिन जैसे तत्व शामिल हो सकते हैं। उबलते पानी में इन तत्वों की मौजूदगी और हलचल के कारण सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले बनते हैं, जो एक साथ मिलकर सफेद झाग जैसा दिखाई देते हैं।
इसलिए दाल में झाग बनना सामान्य प्रक्रिया है। सिर्फ झाग देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि दाल खराब या जहरीली है।
क्या दाल का झाग सेहत के लिए नुकसानदायक है?
दाल के झाग को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम यूरिक एसिड से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर कई बार दावा किया जाता है कि दाल के ऊपर बनने वाला झाग शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाता है। इस दावे को सामान्य वैज्ञानिक तथ्य के तौर पर स्वीकार करने का कोई आधार नहीं है।
दाल में मौजूद प्रोटीन शरीर में पचने के बाद अलग-अलग अमीनो एसिड में टूटता है। वहीं यूरिक एसिड मुख्य रूप से शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनता है। इसलिए दाल के ऊपर बनने वाले झाग को सीधे यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बताना सही नहीं है।
हालांकि, जिन लोगों को पहले से यूरिक एसिड या किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें अपनी डाइट डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।
क्या झाग हटाना जरूरी है?
नहीं, सामान्य तौर पर दाल का झाग हटाना अनिवार्य नहीं है। अगर दाल अच्छी तरह साफ की गई है और सही तरीके से पकाई जा रही है, तो ऊपर थोड़ा झाग रह जाने से दाल खराब नहीं हो जाती।
कुछ लोग झाग इसलिए हटाते हैं क्योंकि इससे दाल का पानी साफ दिखाई देता है और उसका टेक्सचर उन्हें बेहतर लगता है। इसलिए इसे हटाना मुख्य रूप से पसंद और पकाने की शैली पर निर्भर करता है।
दाल को पकाने से पहले अच्छी तरह धोएं
दाल पकाने से पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धोना अच्छी आदत है। इससे धूल, मिट्टी या दूसरी बाहरी अशुद्धियां हटाने में मदद मिलती है। दाल को एक-दो बार पानी से धोने के बाद जरूरत के अनुसार भिगोया भी जा सकता है। खासकर कुछ दालों और साबुत फलियों को भिगोने से उनका पकने का समय कम हो सकता है।
दाल भिगोने से क्या फायदा होता है?
दाल को कुछ समय के लिए पानी में भिगोने से वह पानी सोख लेती है और पकाते समय जल्दी नरम होने में मदद मिलती है। इससे खाना बनाने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।
हालांकि, हर दाल को भिगोना जरूरी नहीं होता। मूंग दाल जैसी कुछ दालें जल्दी पक जाती हैं, जबकि चना दाल या साबुत दालों को भिगोने से फायदा हो सकता है।
किन परिस्थितियों में झाग हटाया जा सकता है?
अगर दाल को पकाते समय बहुत ज्यादा झाग बन रहा है और आपको उसका स्वाद या रूप पसंद नहीं आ रहा है, तो उबाल आने के बाद चम्मच की मदद से ऊपर जमा झाग निकाल सकते हैं।
अगर दाल में कोई बाहरी गंदगी नजर आ रही हो तो उसे पकाने से पहले अच्छी तरह साफ करना ज्यादा जरूरी है। केवल झाग निकाल देना दाल को साफ करने का विकल्प नहीं है।
यानी साफ दाल + साफ पानी + सही तरीके से पकाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
क्या झाग हटाने से दाल ज्यादा पौष्टिक हो जाती है?
ऐसा कहना सही नहीं होगा कि झाग हटाने से दाल अचानक ज्यादा पौष्टिक हो जाती है। झाग में कुछ घुलनशील घटक हो सकते हैं, लेकिन इसे हटाने को दाल की पोषण गुणवत्ता बढ़ाने का कोई खास तरीका नहीं माना जाता।
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ दाल को साफ और देखने में बेहतर बनाना है, तो झाग हटाया जा सकता है। लेकिन इसे न हटाने पर भी सामान्य तौर पर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
दाल पकाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- दाल को पकाने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धोएं।
- जरूरत के अनुसार दाल को कुछ घंटे भिगोएं।
- साफ और पीने योग्य पानी का इस्तेमाल करें।
- दाल को पर्याप्त समय तक अच्छी तरह पकाएं।
- अगर झाग पसंद नहीं है तो उबाल आने के बाद चम्मच से निकाल सकते हैं।
- दाल को लेकर सोशल मीडिया पर फैलने वाले बिना प्रमाण वाले दावों पर तुरंत भरोसा न करें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य खाद्य एवं पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। किसी विशेष बीमारी, यूरिक एसिड, किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में अपनी डाइट को लेकर डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लें।
