बारिश के बाद सब्जियों के दाम ने बिगाड़ा किचन का बजट! 🥦 अदरक 200 रुपये और प्याज 45 रुपये किलो तक पहुंचा। जानिए दिल्ली की मंडियों में कौन-कौन सी सब्जियां हुईं महंगी।

दिल्ली में बारिश के बाद सब्जियों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। ओखला मंडी में पिछले एक हफ्ते के दौरान भिंडी, खीरा, टिंडा, अदरक और प्याज समेत कई सब्जियों के दाम बढ़े हैं। हालांकि, कुछ सब्जियों की कीमतों में गिरावट भी आई है।
“अदरक और प्याज के दाम बढ़े”….
ओखला मंडी के कारोबारियों के मुताबिक, अदरक की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। करीब एक सप्ताह पहले 120 रुपये किलो बिकने वाला अदरक अब लगभग 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। वहीं प्याज की कीमत भी बढ़ी है। एक सप्ताह पहले करीब 35-40 रुपये किलो बिक रहा प्याज अब लगभग 45 रुपये किलो तक पहुंच गया है। बारिश के कारण फसल और सप्लाई प्रभावित होना कीमतों में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह बताई जा रही है।
“भिंडी, खीरा और टिंडा भी हुए महंगे”….
हरी सब्जियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। कारोबारियों के अनुसार:
- भिंडी: 25-30 रुपये से बढ़कर 40-45 रुपये किलो
- खीरा: 15 रुपये से बढ़कर करीब 30 रुपये किलो
- टिंडा: 30 रुपये से बढ़कर करीब 50 रुपये किलो
- अदरक: 120 रुपये से बढ़कर करीब 200 रुपये किलो
इसके अलावा फूलगोभी, बीन्स, प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों की कीमतों पर भी बारिश और सप्लाई का असर देखने को मिल रहा है।
विदेशी सब्जियों की कीमत भी बढ़ी….
बारिश का असर सिर्फ देसी सब्जियों तक सीमित नहीं है। विदेशी सब्जियों और सलाद में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों के दाम भी बढ़े हैं। एवोकाडो की कीमत करीब 380 रुपये से बढ़कर 500 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं रेड और येलो बेल पेपर की कीमत करीब 250 रुपये से बढ़कर 280 रुपये किलो बताई जा रही है। ब्रोकली भी करीब 30 रुपये किलो महंगी हुई है, जबकि मशरूम के दाम में करीब 10 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, जुकीनी की कीमत में फिलहाल कोई खास बदलाव नहीं बताया गया है।
कुछ सब्जियों ने दी राहत….
महंगाई के बीच कुछ सब्जियों की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली है। बीन्स, जो एक सप्ताह पहले करीब 100 रुपये किलो बिक रही थी, अब लगभग 60 रुपये किलो तक आ गई है। टमाटर की कीमत भी पहले के मुकाबले कम हुई है और यह करीब 40 रुपये किलो के आसपास मिल रहा है। यानी मंडी में हर सब्जी महंगी नहीं हुई है, लेकिन रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियों की बढ़ी कीमतें लोगों के बजट पर असर डाल रही हैं।
लौकी और कद्दू के दाम भी बढ़े….
लौकी और कद्दू जैसी आम सब्जियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। लंबी लौकी करीब 20 रुपये महंगी होकर लगभग 40 रुपये किलो तक पहुंच गई है। गोल लौकी करीब 50 रुपये किलो बिक रही है। वहीं टिंडा 30-40 रुपये से बढ़कर लगभग 50 रुपये किलो और कद्दू करीब 30 रुपये से बढ़कर 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। कुंदरू और परवल जैसी कुछ सब्जियों के दाम में फिलहाल खास बदलाव नहीं बताया गया है।
दुकानदारों को जल्द राहत की उम्मीद नहीं….
मंडी के कारोबारियों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा और फसल व सप्लाई पर असर बना रहा तो आने वाले दिनों में कुछ सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं। महंगी सब्जियों के बीच ग्राहक भी खरीदारी करते समय कीमतों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई लोग महंगी सब्जियों की जगह सस्ते विकल्प चुन रहे हैं। यानी इस समय आम आदमी की खरीदारी का फॉर्मूला काफी हद तक ‘जो सस्ता, वही सही’ बनता जा रहा है।
महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर….
सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर कम आय वाले परिवारों पर ज्यादा पड़ रहा है। मंडी में खरीदारी करने वाले लोगों का कहना है कि जब आमदनी में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं होती, तब खाने-पीने की चीजों की कीमत बढ़ना घरेलू बजट को मुश्किल में डाल देता है। कुछ ग्राहकों ने बताया कि वे कीमतों में अंतर के कारण दूर की मंडियों तक जाकर खरीदारी कर रहे हैं, ताकि थोड़ी बचत हो सके। वहीं कई लोग जरूरत के मुताबिक ही सब्जियां खरीद रहे हैं।
बारिश थमी तो मिल सकती है राहत….
फिलहाल सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अगर बारिश कम होती है, फसल की स्थिति सुधरती है और मंडियों में आवक बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में कुछ सब्जियों के दाम कम हो सकते हैं। लेकिन अगर बारिश के कारण सप्लाई और फसल पर दबाव बना रहा, तो महंगी सब्जियों का असर आम लोगों के किचन बजट पर और बढ़ सकता है।
