
मुंबई, 28 मार्च।
हिंदी सिनेमा के हास्य और चरित्र अभिनय के स्वर्णिम दौर की बात हो और ‘सूरमा भोपाली’ के नाम से मशहूर अभिनेता जगदीप का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और खास संवाद अदायगी के लिए मशहूर जगदीप ने करीब पांच दशकों के फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम किया।
29 मार्च को इस दिग्गज अभिनेता की जयंती है। इस मौके पर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी को याद किया जा रहा है।
6 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ सफर
जगदीप का शुरुआती जीवन बेहद संघर्ष भरा रहा। देश विभाजन और गरीबी की कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने बचपन बिताया।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महज 3 रुपये की दिहाड़ी से एक बाल कलाकार के रूप में की थी। फिल्म ‘अफसाना’ (1951) की शूटिंग के दौरान जब मुख्य बाल कलाकार उर्दू संवाद ठीक से नहीं बोल पाया, तब भीड़ में खड़े जगदीप ने खुद वह संवाद बोलने की इच्छा जताई।
उनकी साफ उर्दू और शानदार संवाद अदायगी से निर्देशक इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उनकी दिहाड़ी 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये कर दी और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।
बचपन में ही मिला पहला किरदार
जगदीप का उर्दू उच्चारण बेहद साफ था। इसी वजह से महज 9 साल की उम्र में उन्हें दरबार में राजा के आगमन की घोषणा करने वाला किरदार मिला।
उन्होंने इतना प्रभावशाली संवाद बोला कि निर्देशक ने उन्हें भीड़ से निकालकर दाढ़ी-मूंछ लगाकर सेट पर पहला किरदार दे दिया। इसी उम्र में उन्होंने तय कर लिया था कि वह अभिनय को ही अपना करियर बनाएंगे।
भावुक सीन से मिला कॉमेडी का मौका
दिलचस्प बात यह है कि जगदीप को कॉमेडी में पहचान एक भावुक सीन की वजह से मिली।
निर्देशक बिमल रॉय उस समय फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ बना रहे थे और उन्हें एक हास्य कलाकार की तलाश थी। उन्होंने जगदीप को फिल्म ‘धोबी डॉक्टर’ में रोते हुए एक सीन में देखा था।
उस सीन से प्रभावित होकर बिमल रॉय ने उन्हें ‘दो बीघा जमीन’ में बूट पॉलिश करने वाले लड़के का किरदार दिया, जिसमें हास्य का पुट था।
बिमल रॉय का मानना था कि
“जो कलाकार पर्दे पर लोगों को रुला सकता है, वही असली कॉमेडी भी कर सकता है।”
‘सूरमा भोपाली’ बनकर छा गए जगदीप
जगदीप ने ‘शोले’, ‘रोटी’, ‘एक बार कहो’ जैसी कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। लेकिन फिल्म ‘शोले’ में उनका किरदार ‘सूरमा भोपाली’ इतना लोकप्रिय हुआ कि यह नाम ही उनकी पहचान बन गया।
अपने खास अंदाज, संवाद अदायगी और हास्य से उन्होंने दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना ली।
