सरकार से बातचीत को लेकर CJP का तंज, कहा- 'मामला शिक्षा मंत्री का है, बात स्वास्थ्य मंत्री करेंगे'

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर सोशल मीडिया के जरिए तंज कसा है। पार्टी ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के सामने आने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि “मामला शिक्षा मंत्री का है, बात स्वास्थ्य मंत्री करेंगे।”
CJP का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पार्टी का कहना है कि छात्रों की मांगें सीधे शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी हैं, इसलिए बातचीत भी संबंधित मंत्रालय के साथ होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पोस्ट से सरकार पर निशाना
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया। पोस्ट में पार्टी ने लिखा—
“मामला शिक्षा मंत्री का है, बात स्वास्थ्य मंत्री करेंगे।”
इस टिप्पणी के जरिए पार्टी ने संकेत दिया कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर वार्ता के लिए शिक्षा मंत्रालय की सीधी भागीदारी अधिक उपयुक्त होगी।जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में देशभर से आए छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें हैं—
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही।
- छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति।
जे.पी. नड्डा से मुलाकात की चर्चा
प्रदर्शन के दौरान ऐसी खबरें भी सामने आईं कि CJP के प्रतिनिधियों और पार्टी प्रवक्ता सौरव दास की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात हो सकती है या इस संबंध में बातचीत चल रही है। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यदि बैठक होती है, तो उससे आंदोलन के समाधान की दिशा में कुछ प्रगति होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जंतर-मंतर पर जारी है विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है और बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
