जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, मोदी सरकार को दी चेतावनी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की। इस दौरान केजरीवाल ने वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनका यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सोनम वांगचुक को किया सलाम
जंतर-मंतर पहुंचकर अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे कई शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिन्होंने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
केजरीवाल ने कहा, “मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं, जो देश के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अनशन कर रहे हैं। उन सभी शिक्षकों और लोगों को भी सलाम है जिन्होंने शिक्षा सुधार की मांग उठाई और कठिन परिस्थितियों का सामना किया।”
कांग्रेस सरकार का किया जिक्र
अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 4 अप्रैल 2011 को इसी जंतर-मंतर पर अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे और उस समय की सरकार ने जनता की आवाज को गंभीरता से नहीं लिया। केजरीवाल ने दावा किया कि जनता की भावनाओं की अनदेखी करना किसी भी सरकार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मोदी सरकार को दी चेतावनी
केजरीवाल ने केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक की मांगों पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनता की बात नहीं सुनेगी, तो राजनीतिक परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार को सोनम वांगचुक की बात सुननी चाहिए। जनता की आवाज को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए ठीक नहीं होता।”
शिक्षा और पेपर लीक बना बड़ा मुद्दा
सोनम वांगचुक का आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ केंद्रित है। हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है, जिसके बाद शिक्षा सुधार की मांग तेज हुई है।वांगचुक लगातार इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते रहे हैं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन
सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी है और विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों तथा राजनीतिक नेताओं का समर्थन उन्हें मिल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि समर्थक 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
