प्याज के दाम ने बिगाड़ा किचन का बजट! 🧅 हफ्तेभर में कीमतों में 40% तक उछाल, कई शहरों में भाव 60 रुपये किलो के करीब।

त्योहारी सीजन से पहले आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर प्रभावित होता नजर आ रहा है। चीनी के बाद अब प्याज की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में प्याज के दाम तेजी से बढ़े हैं। कुछ शहरों में खुदरा कीमत 60 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है। औसत खुदरा कीमत की बात करें तो 21 अगस्त को प्याज का भाव करीब 40.79 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। वहीं कई बड़े शहरों में प्याज 50 से 60 रुपये किलो तक बिक रहा है।
एक हफ्ते में थोक कीमतों में 40% तक उछाल…..
एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडियों में शामिल महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में पिछले एक सप्ताह के दौरान प्याज की थोक कीमतों में करीब 30 से 42 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। 21 जुलाई को प्याज की औसत खुदरा कीमत 34.87 रुपये प्रति किलो थी, जो 21 अगस्त को बढ़कर 40.79 रुपये प्रति किलो हो गई। यानी करीब एक महीने में खुदरा कीमत में लगभग 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं पिछले साल 21 अगस्त को औसत खुदरा कीमत करीब 28.72 रुपये प्रति किलो थी। इस तुलना में एक साल में प्याज की कीमत 42 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी है।
भुवनेश्वर में दो दिन में लगभग दोगुने हुए दाम…..
प्याज की कीमतों में तेजी का असर अलग-अलग शहरों में साफ दिखाई दे रहा है। भुवनेश्वर में प्याज का खुदरा भाव कुछ समय पहले 25-30 रुपये प्रति किलो था, जो बढ़कर 55-60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। स्थानीय विक्रेताओं के मुताबिक, कुछ जगहों पर महज दो दिनों में कीमत लगभग दोगुनी हो गई।
प्रमुख शहरों में प्याज का खुदरा भाव :-
| शहर | प्याज का रेट प्रति किलो |
|---|---|
| दिल्ली-NCR | 50-55 रुपये |
| मुंबई | 52-58 रुपये |
| कोलकाता | 55-60 रुपये |
| चेन्नई | 48-54 रुपये |
| बेंगलुरु | 45-52 रुपये |
| पटना | 48-55 रुपये |
कीमतें उपलब्ध रिपोर्ट किए गए खुदरा रेट के आधार पर हैं और स्थानीय बाजार में इनमें बदलाव हो सकता है।
थोक मंडियों में भी बढ़े दाम…..
लासलगांव मंडी में प्याज का थोक भाव बढ़कर करीब 3,195 से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल यानी लगभग 32-36 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं दिल्ली की आजादपुर मंडी में अच्छी क्वालिटी के प्याज का थोक भाव 45-50 रुपये प्रति किलो से ऊपर बताया जा रहा है। थोक बाजार में बढ़ी कीमतों का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
क्यों बढ़ रही है प्याज की कीमत….?
प्याज की कीमतों में मौजूदा तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। खरीफ प्याज की बुआई देर से शुरू होने के कारण नई फसल की आवक में देरी हो रही है। दूसरी ओर, त्योहारी सीजन नजदीक आने के कारण बाजार में प्याज की मांग बढ़ रही है। जब मांग बढ़ती है और बाजार में नई फसल की पर्याप्त आवक नहीं होती, तो कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है। यही स्थिति फिलहाल प्याज के बाजार में देखने को मिल रही है।
सितंबर से राहत की उम्मीद…..
बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार सितंबर से अपने बफर स्टॉक से प्याज को बाजार और मंडियों में उतारने की योजना बना रही है। अगर बफर स्टॉक से पर्याप्त मात्रा में प्याज बाजार में पहुंचता है और नई फसल की आवक भी बढ़ती है, तो आने वाले समय में कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। फिलहाल प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक और सरकारी बफर स्टॉक की सप्लाई यह तय करेगी कि प्याज के दाम नीचे आते हैं या तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।
