गोरखपुर ट्रिपल मर्डर: 'UPSC अफसर बनना चाहता था', नाबालिग आरोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा

तस्वीर में अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना और बेटा रेयांश है। इन तीनों की हत्या की गई।
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बड़े भाई, भाभी और मासूम भतीजे की हत्या के आरोप में पकड़े गए 16 वर्षीय नाबालिग ने पुलिस पूछताछ में जो बातें बताईं, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया।
आरोपी ने दावा किया कि वह पढ़ाई में बेहद तेज था और बचपन से ही एक बड़ा अधिकारी बनने का सपना देखता था। लेकिन हालात, पारिवारिक विवाद और लगातार मिलने वाले तानों ने उसके मन में इतना गुस्सा भर दिया कि उसने अपने ही परिवार को खत्म करने का फैसला कर लिया।
‘हर साल फर्स्ट आता था, अफसर बनना चाहता था’
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह CBSE बोर्ड से पढ़ाई करता था और पांचवीं कक्षा तक हर साल प्रथम स्थान प्राप्त करता रहा। उसका सपना UPSC परीक्षा पास कर अधिकारी बनने का था।
आरोपी के अनुसार, आर्थिक और पारिवारिक कारणों की वजह से उसकी पढ़ाई बीच में रुक गई। उसने मजदूरी करके किसी तरह अपनी पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की, लेकिन नियमित पढ़ाई का समय नहीं मिलने के कारण वह 10वीं की परीक्षा में असफल हो गया।
उसने बताया कि परीक्षा में फेल होने के बाद परिवार और रिश्तेदारों के ताने लगातार बढ़ते गए, जिससे वह मानसिक रूप से टूटने लगा।
‘घर में अपमान मिलता था, खाना तक नहीं मिलता था’
आरोपी ने पुलिस को बताया कि असफलता के बाद घर में उसका सम्मान खत्म हो गया था। उसे रोज अपमानित किया जाता था और कई बार खाना भी नहीं दिया जाता था।
उसके मुताबिक, घर में सोने के लिए भी उसे जगह ढूंढनी पड़ती थी। वह खुद को परिवार में उपेक्षित महसूस करता था और धीरे-धीरे उसके मन में परिवार के प्रति गुस्सा बढ़ता चला गया।
तड़के 3 बजे की वारदात
पुलिस के अनुसार आरोपी ने सोमवार तड़के करीब 3 बजे इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। घटना में उसके बड़े भाई अमित गुप्ता (35), भाभी रंजना (32) और तीन वर्षीय भतीजे रेयांश की मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी भागा नहीं, बल्कि घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में जाकर बैठ गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जब उसे हिरासत में लिया गया तो उसके चेहरे पर किसी प्रकार का भय या घबराहट दिखाई नहीं दी।
‘जेल में कम से कम खाना तो मिलेगा’
पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी से भविष्य को लेकर सवाल किए। अधिकारियों के अनुसार जब उससे पूछा गया कि अब वह क्या करेगा, तो उसने जवाब दिया कि घर पर उसे ठीक से खाना नहीं मिलता था, लेकिन जेल में कम से कम दोनों समय भोजन मिल जाएगा।
जब उससे पूछा गया कि जेल से बाहर आने के बाद क्या करेगा, तो उसने कहा, “किस्मत को जो मंजूर होगा, वही होगा।”
बताया जा रहा है कि यह कहते-कहते आरोपी भावुक हो गया और रोने लगा।
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी नाबालिग है, इसलिए उससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी लंबे समय से मानसिक तनाव में था और परिवार के भीतर किस प्रकार के विवाद चल रहे थे।
कई सवाल छोड़ गया यह हत्याकांड
गोरखपुर का यह ट्रिपल मर्डर सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षा, मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
एक ऐसा किशोर जो कभी अधिकारी बनने का सपना देखता था, आखिर किन परिस्थितियों में अपने ही परिवार के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर हुआ? इस सवाल का जवाब तलाशना अब जांच एजेंसियों के साथ-साथ समाज के लिए भी जरूरी हो गया है।
