Lucknow Coaching Fire Case: अलीगंज अग्निकांड मामले में बड़ा खुलासा। LDA की जांच के दायरे में आए 19 कर्मचारी, जबकि नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर 7 जुलाई को भवन पर बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी गई है

अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया इस पूरे प्रकरण में 19 कर्मचारी जांच के दायरे में हैं, जिनमें तीन कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
19 कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही की आशंका सामने आई है। इसी वजह से 19 कर्मचारियों को जांच के दायरे में रखा गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका, फाइलों के निस्तारण और भवन से संबंधित अनुमतियों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी के आरोप
अलीगंज में जिस भवन में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था, उस पर भवन निर्माण नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों का पालन न करने के आरोप लगे हैं। अग्निकांड के बाद यह सवाल लगातार उठ रहे हैं कि आखिर इतने बड़े संस्थान को आवश्यक सुरक्षा इंतजामों के बिना संचालन की अनुमति कैसे मिली।
प्रशासन अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है। जांच एजेंसियां भवन के नक्शे, स्वीकृतियों, फायर सेफ्टी मानकों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।
नोटिस का जवाब नहीं मिला तो 7 जुलाई को कार्रवाई
एलडीए उपाध्यक्ष ने साफ कहा कि संबंधित भवन स्वामी और संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो 7 जुलाई को भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त किया जाएगा।
अग्निकांड के बाद बढ़ी प्रशासन की सख्ती
कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शहर के अन्य कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की भी जांच शुरू कर दी गई है ताकि कहीं और इस तरह की घटना दोबारा न हो।
प्रशासन का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रथमेश कुमार ने दोहराया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और 7 जुलाई को होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
