एक्सरसाइज सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन अचानक बहुत ज्यादा मेहनत नुकसानदायक हो सकती है।

एक्सरसाइज को स्वस्थ और फिट रहने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर को एक्टिव रखने और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जितनी ज्यादा और जितनी तेज एक्सरसाइज की जाए, उतना ही फायदा होगा।
खासकर जो लोग लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं, उनके लिए अचानक बहुत ज्यादा मेहनत वाला वर्कआउट शुरू करना परेशानी का कारण बन सकता है। बहुत तेज दौड़ना, क्षमता से अधिक वजन उठाना या बिना तैयारी के हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करना शरीर पर अचानक दबाव डाल सकता है। कुछ लोगों में इससे हृदय संबंधी गंभीर समस्या का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए एक्सरसाइज करते समय अपनी फिटनेस, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
अचानक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू करना हो सकता है जोखिम भरा
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहा है और अचानक तेज दौड़ना, भारी वजन उठाना या हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) जैसी कठिन एक्सरसाइज शुरू कर देता है, तो शरीर को अचानक ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।
ऐसी स्थिति में दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकते हैं। खासकर ऐसे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, जिन्हें पहले से हृदय या ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या है। इसलिए लंबे ब्रेक के बाद दोबारा एक्सरसाइज शुरू करते समय धीरे-धीरे आगे बढ़ना बेहतर होता है।
बहुत भारी वजन उठाने से बचें
वेट ट्रेनिंग अपने आप में खराब एक्सरसाइज नहीं है। सही तकनीक और उचित वजन के साथ की गई स्ट्रेंथ ट्रेनिंग फिटनेस रूटीन का हिस्सा हो सकती है। समस्या तब हो सकती है जब व्यक्ति अपनी क्षमता से बहुत अधिक वजन उठाने की कोशिश करे। भारी वजन उठाते समय कई लोग अनजाने में सांस रोक लेते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव हो सकता है। इसलिए वजन धीरे-धीरे बढ़ाएं और एक्सरसाइज की सही तकनीक सीखकर ही करें। अगर किसी व्यायाम के दौरान शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव महसूस हो रहा है, तो उसे रोक देना बेहतर है।
लंबे समय बाद जिम जा रहे हैं तो रखें खास ध्यान
जो लोग कई महीनों या वर्षों से एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं, उन्हें पहले दिन ही कठिन वर्कआउट करने से बचना चाहिए। शुरुआत में तेज चाल से चलना, हल्की साइकिलिंग, सामान्य स्ट्रेचिंग या कम तीव्रता वाली एक्सरसाइज की जा सकती है। शरीर को इसकी आदत होने के बाद धीरे-धीरे समय और तीव्रता बढ़ाई जा सकती है। फिटनेस का स्तर बढ़ाने में समय लगता है। जल्दी परिणाम पाने के लिए शरीर की क्षमता से अधिक मेहनत करना सही रणनीति नहीं है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
कुछ लोगों को हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी हो सकता है। इनमें ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्हें पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। इसके अलावा लंबे समय से बिल्कुल एक्सरसाइज न करने वाले और अधिक उम्र के लोगों को भी अपनी क्षमता के अनुसार शुरुआत करनी चाहिए। अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो अपने लिए सही एक्सरसाइज और उसकी तीव्रता तय करने के लिए डॉक्टर या योग्य फिटनेस प्रोफेशनल की सलाह लेना बेहतर है।
सीने में दर्द हो तो तुरंत रुक जाएं
वर्कआउट के दौरान शरीर में थकान महसूस होना सामान्य हो सकता है, लेकिन कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर एक्सरसाइज करते समय इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत वर्कआउट रोक दें और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय मदद लें:
- सीने में दर्द, दबाव या जकड़न
- सांस लेने में अचानक परेशानी
- चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
- अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी
- असामान्य या बहुत तेज धड़कन
- असामान्य रूप से अत्यधिक थकान
खासकर सीने में दर्द या सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसे लक्षणों को केवल सामान्य एक्सरसाइज थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वार्म-अप करना है जरूरी
एक्सरसाइज शुरू करने से पहले कुछ मिनट वार्म-अप करने से शरीर को गतिविधि के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है। वार्म-अप में हल्की चाल से चलना, आसान मूवमेंट और अपनी एक्सरसाइज के अनुसार हल्की गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं। इसके बाद धीरे-धीरे वर्कआउट की तीव्रता बढ़ाएं।
इसी तरह एक्सरसाइज खत्म करने के बाद अचानक पूरी तरह रुकने के बजाय कुछ समय हल्की गतिविधि और आराम करना बेहतर हो सकता है।
शुरुआती लोगों के लिए कौन-सी एक्सरसाइज बेहतर हो सकती हैं?
अगर आप बिल्कुल नए हैं या लंबे समय के बाद एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं, तो कम तीव्रता वाली गतिविधियों से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है। तेज चाल से पैदल चलना, हल्की साइकिलिंग, सामान्य स्ट्रेचिंग और क्षमता के अनुसार हल्की एरोबिक गतिविधियां शुरुआती रूटीन का हिस्सा बन सकती हैं। जैसे-जैसे शरीर गतिविधि का अभ्यस्त होता जाए, वर्कआउट की अवधि और तीव्रता को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
क्या एक्सरसाइज से हार्ट अटैक का खतरा हमेशा रहता है?
ऐसा कहना सही नहीं होगा कि किसी एक एक्सरसाइज को करने से हर व्यक्ति में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। नियमित और उचित शारीरिक गतिविधि सामान्य तौर पर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। व्यायाम के दौरान गंभीर हृदय संबंधी घटना का जोखिम व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, पहले से मौजूद हृदय रोग और अन्य जोखिम कारकों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए एक्सरसाइज को पूरी तरह छोड़ने के बजाय अपनी क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही गतिविधि चुनना महत्वपूर्ण है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह डॉक्टर की सलाह या चिकित्सा जांच का विकल्प नहीं है। यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो एक्सरसाइज की तीव्रता और प्रकार तय करने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
