सोने की बढ़ती कीमतों का असर अब ज्वेलरी बाजार पर भी दिखने लगा है। 💰📉 15% तक घटी खरीदारी, जानिए क्या है वजह।

भारत में सोने के आभूषणों की मांग में इस साल उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश में गोल्ड ज्वेलरी की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में 15% घटकर 75 टन रह गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की लगातार बढ़ती कीमतें इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह हैं।
महंगे सोने ने घटाई खरीदारी….
सोने की कीमतों में लगातार तेजी के कारण कई उपभोक्ताओं ने अपनी ज्वेलरी खरीदने की योजना टाल दी। वहीं, जिन लोगों ने खरीदारी की, उन्होंने भारी और महंगी ज्वेलरी की जगह हल्के वजन वाले आभूषणों को प्राथमिकता दी। जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में अप्रैल-जून के दौरान मांग में कुछ सुधार देखने को मिला, लेकिन सालाना आधार पर इसमें गिरावट बनी रही।
कम सोना खरीदा, लेकिन ज्यादा खर्च किया….
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले छह महीनों में भारत में कुल 141 टन गोल्ड ज्वेलरी की मांग रही, जो पिछले साल की तुलना में 17% कम है। दिलचस्प बात यह है कि सोने की ऊंची कीमतों के कारण कुल खरीदारी का मूल्य बढ़ गया। कम मात्रा में सोना खरीदने के बावजूद ग्राहकों ने पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च किए।
दुनिया भर में भी कमजोर रही ज्वेलरी डिमांड….
वैश्विक स्तर पर भी अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड ज्वेलरी की मांग कमजोर रही। इस अवधि में दुनिया भर में ज्वेलरी की मांग लगभग 278 टन रही, जिसे महामारी के बाद की सबसे कमजोर तिमाहियों में से एक माना जा रहा है। हालांकि कुल सोने की मांग लगभग स्थिर रही, लेकिन गोल्ड ETF, गोल्ड बार और सिक्कों में निवेश की रफ्तार में भी बदलाव देखने को मिला।
केंद्रीय बैंक लगातार खरीद रहे हैं सोना….
जहां आम उपभोक्ताओं की खरीदारी कम हुई है, वहीं दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार बढ़ा रहे हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने लगभग 289 टन सोना खरीदा, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस अवधि में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी अपने स्वर्ण भंडार में 200 किलोग्राम सोना जोड़ा।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में भी ज्वेलरी की मांग पर दबाव बना रह सकता है। कि ग्राहक महंगे और भारी आभूषणों की बजाय हल्के वजन वाले डिजाइनों को अधिक पसंद करेंगे, जबकि निवेश के उद्देश्य से सोने की मांग मजबूत बनी रह सकती है।
निष्कर्ष….
सोने की बढ़ती कीमतों ने आम ग्राहकों की खरीदारी की आदतों को बदल दिया है। कम मात्रा में खरीदारी के बावजूद कुल खर्च बढ़ रहा है। यदि कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती, तो आने वाले समय में भी गोल्ड ज्वेलरी की मांग सीमित रह सकती है, जबकि निवेश के रूप में सोने का आकर्षण बरकरार रहने की संभावना है।
