कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र के बयान पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की तीखी प्रतिक्रिया।

बेंगलुरु, 6 फरवरी
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया के बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। यतींद्र ने साफ कहा है कि राज्य में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे।यतींद्र के इस दावे पर उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। मंगलुरु एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का बेटा ही अब हमारा हाई कमांड है। वह जो भी कहेंगे, मैं वही मानूंगा।” शिवकुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जब यतींद्र खुद को हाई कमांड की तरह बयान दे रहे हैं, तो उन्हें ही हाई कमांड मान लिया जाए।
दरअसल, यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा था कि पार्टी हाई कमांड ने उनके पिता को अगले पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहने की मंजूरी दे दी है और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है।सत्ता-साझाकरण समझौते पर विधायक शिवगंगा बसवराज के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर डीके शिवकुमार ने कहा कि वह न तो बसवराज और न ही यतींद्र के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस मुद्दे पर कोई बयान आना है, तो वह केवल दिल्ली स्थित पार्टी नेतृत्व की ओर से ही आएगा।
इस दौरान डीके शिवकुमार ने संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि वह कांग्रेस भवन के शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए मंगलुरु आए हैं। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे हो जाएंगे और इसी अवसर पर निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। उन्होंने मार्च महीने में राज्यभर में कांग्रेस के 100 पार्टी कार्यालयों के शिलान्यास के निर्देश भी दिए।
शिलान्यास कार्यक्रम में मुसलमानों को आमंत्रित न किए जाने के आरोपों पर शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस जाति या धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करती। पार्टी को सभी वर्गों और समुदायों की जरूरत है। उन्होंने आरोपों को ईर्ष्या से प्रेरित बताया।गौरतलब है कि इससे पहले यतींद्र सिद्धारमैया ने दावा किया था कि पार्टी हाई कमांड ने नेतृत्व परिवर्तन की मांगों को खारिज कर दिया है और सिद्धारमैया ही अगले पांच साल तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
