65 के बाद भी करोड़ों का कारोबार संभाल रहीं भारत की ये दिग्गज महिलाएं! 💼 महिलाएं साबित कर रही हैं कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती।

उम्र को अक्सर रिटायरमेंट से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन भारत की कई महिला कारोबारी इस सोच को बदल रही हैं। 65 साल की उम्र पार करने के बाद भी ये महिलाएं बड़े कारोबार और कंपनियों की कमान संभाल रही हैं। उनकी मेहनत, अनुभव और कारोबारी फैसलों ने उन्हें देश की सफल बिजनेस लीडर्स में शामिल किया है। हुरुन की नई सूची में ऐसी 10 भारतीय महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनसे जुड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये बताई गई है। इन महिलाओं ने फार्मा, हेल्थकेयर, बैंकिंग, एफएमसीजी, ट्रैक्टर, सीमेंट और फूड जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।
86 साल की उम्र में भी कारोबार में सक्रिय हैं राजनी बेक्टर….
इस सूची में सबसे ऊपर राजनी बेक्टर का नाम है। 86 साल की उम्र में भी वह अपने कारोबार से जुड़ी हुई हैं। बेकरी और फूड इंडस्ट्री में उनका नाम खास पहचान रखता है। उनकी कंपनी Mrs. Bector’s Food Specialities के उत्पाद भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी पहुंचते हैं। राजनी बेक्टर की कारोबारी यात्रा इस बात की मिसाल है कि अनुभव और लंबे समय की मेहनत किसी भी बिजनेस को मजबूत आधार दे सकती है।
प्रीथा और सुनीता रेड्डी की हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ी पहचान….
सूची में प्रीथा रेड्डी और सुनीता रेड्डी का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। दोनों ने Apollo Hospitals को देश के प्रमुख हेल्थकेयर समूहों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हेल्थकेयर जैसे बड़े और लगातार बदलते क्षेत्र में लंबे समय तक नेतृत्व करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। दोनों का कारोबारी अनुभव इस सेक्टर में खास महत्व रखता है।
स्वाति पीरामल ने फार्मा और हेल्थकेयर में बनाई पहचान….
इस सूची में स्वाति पीरामल भी शामिल हैं। वह पीरामल ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन हैं और फार्मा तथा हेल्थकेयर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। स्वाति पीरामल का नाम भारतीय कॉरपोरेट जगत की प्रभावशाली महिला लीडर्स में लिया जाता है। उन्होंने बिजनेस के साथ-साथ हेल्थ और सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
ये महिलाएं भी सूची में शामिल….
हुरुन की सूची में कई अन्य दिग्गज महिला कारोबारी भी शामिल हैं। इनमें किरण मजूमदार-शॉ, अरुंधति भट्टाचार्य, बीना मोदी, लीना गांधी तिवारी, मल्लिका श्रीनिवासन, अर्शिया ए. लालजी और विनीता सिंघानिया के नाम शामिल हैं। इन महिलाओं का कारोबार अलग-अलग क्षेत्रों में फैला हुआ है। किसी ने फार्मा में अपनी पहचान बनाई, तो किसी ने बैंकिंग, ट्रैक्टर, सीमेंट और एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों में अपनी कंपनियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
उम्र नहीं, अनुभव और फैसले बनाते हैं सफलता की कहानी….
इन महिला बिजनेस लीडर्स की कहानी सिर्फ बड़े कारोबार और करोड़ों की मार्केट वैल्यू तक सीमित नहीं है। यह इस बात का उदाहरण भी है कि सफलता की कोई तय उम्र नहीं होती। 65 साल के बाद भी बिजनेस की कमान संभालना दिखाता है कि अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सही फैसले किसी भी उम्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन महिलाओं ने वर्षों के अनुभव को अपनी ताकत बनाया और लगातार बदलती कारोबारी दुनिया में अपनी जगह बनाए रखी।
