लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग पर राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज, राहुल गांधी ने घटना को बताया बेहद पीड़ादायक
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में कई लोगों के हताहत होने की आशंका के बीच राजनीतिक नेताओं ने भी दुख व्यक्त किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी राहत-बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
राहुल गांधी ने जताया दुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लखनऊ में हुए इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आग की घटना अत्यंत पीड़ादायक है और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
राहुल गांधी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रशासन से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे समाज के लिए बेहद दुखद होते हैं और सभी को मिलकर प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।
CM योगी ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
आग लगने के कारणों की होगी जांच
फिलहाल आग लगने के कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएंगे।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन होना बेहद जरूरी है।
